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डाउनलोड करेंजोधपुर। राजस्थान व स्पेन की समृद्ध संगीतमय विरासत के संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सोमवार को उम्मेद भवन में पूर्व नरेश गजसिंह व स्पेन के राजदूतावास के अधिकारियों की मौजूदगी में द फंदकिओन कांटे दे लॉस मीनास, मेहरानगढ़ दुर्ग में अंतर्राष्ट्रीय संगीत केन्द्र की स्थापना के मद्देनजर एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे। इस केन्द्र में जहां राजस्थानी व स्पेनिश फ्लेमेंको म्यूजिक सिखाया जाएगा वहीं केन्द्र की ओर से हर वर्ष मेहरानगढ़ में इंटरनेशनल फ्लेमेंको फेस्टिवल का आयोजन भी किया जाएगा।
ट्रस्ट निदेशक करणी सिंह जसोल के अनुसार राजस्थानी संगीत का स्पेनिश फ्लेमेंको से ऐतिहासिक रिश्ता जुड़ा हुआ है। स्पेन में इस तरह के संगीत नृत्य को राजस्थान मूल के जिप्सी ट्राइब्स ले गए थे। आज भी खानाबदोश के नाम से मशहूर ये समूह गीत-संगीत में अपनी अलग ही पहचान रखते हैं, जबकि स्पेन में यही गीत-संगीत वहां की राष्ट्रीय पहचान बन चुके हैं। राजशाही समय से गीत-संगीत व नृत्य कलाओं को प्रश्रय देने वाले पूर्व राजघराने के माध्यम से एक बार फिर आने वाली पीढ़ी को राजस्थान व स्पेन के समृद्ध संगीत-नृत्य विरासत से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है।
इनकी मौजूदगी रहेगी एमओयू के दौरान :
सोमवार को उम्मेदभवन में मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट व स्पेन के फंदेकियोन देल कॉटे लास मीनास के बीच होने वाले समझौते के दौरान स्पेन के राजदूत हिज एक्सीलेंसी गुस्तावो दे अरिस्तो गुईस सन रोमान, लास मीनास के मेयर फ्रांसिस्को बेर्नाबे ला यूनिन सीआरएन प्रॉडक्शन्स के निदेशक केव रॉबर्टो निएडू तथा म्यूजियम ट्रस्ट के संरक्षक महाराजा गजसिंह द्वितीय मौजूद रहेंगे। स्पेन के ही लॉस मीनास वल्र्ड वाइड टूर एसएल जोधपुर में हर वर्ष होने वाले फ्लेमेंको फेस्टिवल को स्पॉन्सर करेंगे जबकि कैसा-एशिया दि फंदाकियोन कांसेजा एस्पाइना इंडिया कलाकारों को प्रोत्साहित करेंगे।
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