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सत्तर लाख में भी दाना को बेचने को तैयार नहीं है अमरदीप

5 वर्ष पहले
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जोधपुर। ये है मारवाड़ी घोड़ों में सबसे बेहतरीन चुना गया घोड़ा। चमकीली त्वचा वाले 'दाना' नाम के इस घोड़े को दालों के अलावा ड्राइ फ्रूट्स भी खिलाया जाता है। इसे खरीदने के लिए कई बार लोग बोली लगा चुके हैं। कुछ दिनों पहले तो इसके लिए 70 लाख कीमत ऑफ़र की गई थी, लेकिन इसके मालिक ने बेचने से मना कर दिया। होती है बच्चों की तरह देखभाल....

- रोहतक में रहने वाले अमरदीप सिंह ने डेरा सच्चा सौदा से बीस माह के दाना को तीन लाख रुपए में खरीदा था।
- अपने घर लाकर इसकी बेहतरीन सार-संभाल की। घर के बच्चे के समान इसके खाने-पीने का ध्यान रखा।
-इसे रोजाना चने की दाल के साथ ही अन्य दालों का मिश्रण भी खिलाया जाता है। ये ड्राइ फ्रूट्स का भी बहुत शौकीन है।
- इसको एक्टिव रखने के लिए रोजाना पांच से दस किलोमीटर तक की दौड़ लगवाई जाती है।
- अमरदीप का कहना है कि ऐसी नस्ल के घोड़े बहुत कम रह गए है। ऐसे में इसके स्पर्म की भारी मांग है। उससे मोटी कमाई हो जाती है। हालांकि, उन्होंने कमाई की खुलासा नहीं किया।

ये खासियत होती है मारवाड़ी घोड़ों में

- पूरे देश में मारवाड़ी नस्ल के घोड़े पाए जाते है। इनकी औसत लंबाई 60 से 64 इंच तक होती है।
- इन घोड़ों की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि ये चार से लेकर 48 डिग्री तापमान में आसानी से रह सकते है।
- मारवाड़ी घोड़ों की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि इनके दस इंच लंबे कान आपस में जुड़ सकते है।
- सही मायने में देश में शुद्ध मारवाड़ी नस्ल के अब महज तीन हजार घोड़े ही बचे हुए है।
- मारवाड़ी नस्ल के घोड़ों के बारे में कहा जाता है कि यह रणक्षेत्र में अपने मालिक को कभी संकट में नहीं छोड़ता।
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