जोधपुर। पाकिस्तान का एक नागरिक जेल प्रशासन व पुलिस के लिए आफत बन गया है। स्वयं को पाकिस्तान के पंजाब का नागरिक बताने वाले इस व्यक्ति के पास न तो किसी तरह के कागजात है और न ही पाकिस्तान उसे स्वीकार करने को तैयार हो रहा है। ऐसे में डेढ़ साल से उसे छह माह तक जेल में रखने बाद रिहा कर फिर से जेल में डाल दिया जाता है। कोई समाधान नहीं निकलता देख अब इस पाकिस्तानी को जोधपुर से अलवर भेज जेल प्रशासन ने एक बार अपनी बला टाल दी है।
वापस भेजने की प्रक्रिया बहुत जटिल
जोधपुर जेल अधीक्षक विक्रम सिंह का कहना है कि ऐसे बंदियों की वापसी का मसला बहुत जटिल होता है। गृह मंत्रालय इस मामले को विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाता है। इस पर विदेश मंत्रालय पाकिस्तान सरकार को उसके नागरिक के बारे में अवगत कराता है। जहूर के मामले में पाकिस्तान अभी तक उसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हुआ है। इस मामले को केन्द्र सरकार फिर से पाकिस्तान के समक्ष उठाएगी। इस कारण उसे यहां से अलवर जेल भेजा गया है।
तीन बार रिहा कर फिर से किया गिरफ्तार
- पुलिस ने उसे आवारागर्दी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इस धारा में अधिकतम छह माह तक जेल में रखा जा सकता है।
- ऐसे में तीन जून 2014 को गिरफ्तारी के बाद उसे 5 जून 2014 को रिहा कर दिया गया।
- इसके अगले दिन फिर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जेल से फिर उसे 5 जून 2015 को रिहा कर छह जून को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया।
- यहीं प्रक्रिया दिसम्बर में एक बार फिर दोहराई गई। अब जेल प्रशासन ने उसे अलवर जेल भेज दिया है।
- पुलिस का कहना है कि पाकिस्तान का नागरिक होने के कारण उसे जेल में रखना आवश्यक है। ऐसे में उसे अंदर रखने का यही तरीका अपनाया गया।
नहीं मालूम भारत में कैसे और कहां से आया
- जोधपुर पुलिस ने तीन जून 2014 को रेलवे स्टेशन के निकट एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसने अपना नाम जहूर अहमद बताते हुए स्वयं को पाकिस्तान का नागरिक बताया।
- कम बोलने और मंद बुद्धि के नजर आ रहे जहूर अहमद ने अपना पता पाकिस्तान के पंजाब में एक गांव का दिया। उसके पास पाकिस्तान का नागरिक होने का कोई दस्तावेज नहीं था।
- उसे अपने पिता का नाम तक नहीं मालूम। ऐसे में जेल रिकार्ड में पिता के नाम के आगे नामालूम ही लिख दिया गया।
- जहूर यह भी नहीं बता पाया कि वह भारत में कैसे आ गया। यह माना जा रहा है कि वह किसी के साथ तारबंदी पार कर भारत में प्रवेश कर गया।
- जेल अधीक्षक का कहना है कि जहूर हमेशा शांत रहता है और बहुत कम बोलता है।
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