जोधपुर। शहर के बरसों पुराने शिक्षण संस्थाओं से वसूले जा रहे कर को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच महापौर घनश्याम ओझा ने नगर निगम में गुरुवार को अगले वित्त वर्ष में शहर के भावी विकास का बजट पेश किया। करीब आठ सौ करोड़ रुपए के बजट में किसी विशेष परियोजना पर फोकस नहीं किया गया है। अलबत्ता पार्षद मद से होने वाले विकास कार्यों की राशि बढ़ाकर बढ़ रहे असंतोष को थामने का प्रयास अवश्य किया गया है।
विपक्ष को मिला भंसाली का समर्थन
नगर निगम ने गुरुवार को बजट बैठक शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि शहर की पुरानी शिक्षण संस्थाओं को कर वसूलने के नाम पर बंद करने की साजिश रची जा रही है। इसको लेकर करीब आधा घंटा तक हंगामा जारी रहा। बैठक में मौजूद जोधपुर शहर विधायक भाजपा के कैलाश भंसाली ने नेता प्रतिपक्ष की बात का समर्थन करते हुए कहा कि इस मसले को विधान सभा में उठाया जाएगा। राज्य सरकार से मांग की जाएगी कि इस तरह की कर वसूली स्थगित कर इन संस्थाओं को रियायत प्रदान की जाए।
पार्षदों को थमाया झुनझुना
महापौर ने अपने बजट प्रस्ताव में पार्षद कोटे को पचास लाख रुपए से बढ़ाकर अस्सी लाख कर दिया। इसमें से पचास लाख रुपए तक के विकास कार्य होंगे। वहीं पंद्रह लाख रुपए से उद्यानों का विकास व दस लाख रुपए सम्बन्धित वार्ड में शौचालय विकास पर खर्च किए जाएंगे। सांसद निधि से अब पांच करोड़ व विधायक निधि से दो करोड़ रुपए के विकास कार्य करवाएं जाएंगे।
बजट प्रस्ताव की मुख्य घोषणाएं
- आदर्श वार्ड में विकास के लिए पचास लाख रुपए अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे।
- महापौर ने कुल 796.10 करोड़ का बजट पेश किया।
- निगम की आय बढ़ाने के लिए किसी प्रकार का नया कर नहीं थोपा। अलबत्ता सख्ती के साथ वसूली कर आय बढ़ाई जाएगी।
- घंटाघर को हैरिटेज लुक प्रदान करने के लिए दस करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- शहर के उद्यानों व चौराहों के विकास पर बीस करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- हाल ही निगम को हस्तांतरित हुए सोलह गांवों में लैंड बैंक बना निगम अपनी आय बढ़ाएगा।
सभी फोटो एल देव जांगिड़
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