जोधपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने गुरुवार को अपनी कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए बीस जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा कर दी। खासियत की बात यह रही कि उम्मीदों को दरकिनार कर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृहनगर के जिलाध्यक्षों को बदला नहीं है। वहीं विस्तारित कार्यकारिणी में जोधपुर का नाम नदारद ही है।
जोधपुर से पायलट ने काटी कन्नी
बताया जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी में जोधपुर के कुछ लोग पहले से शामिल है। इस कारण ताजा विस्तार में जोधपुर के लोगों को स्थान नहीं दिया गया। वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष सईद अंसारी विधानसभा चुनाव में हार के बाद अपने पद से त्यागपत्र सौंप चुके है, लेकिन उनका त्यागपत्र अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसे में असमंजस के हालात बने हुए है। कमोबेश ऐसे ही हालात जोधपुर जिला देहात कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर लगाए जा रहे थे। लेकिन पायलट ने जोधपुर से कन्नी काट ली। जोधपुर में दोनों अध्यक्ष बदलने की मांग को लेकर विरोध के स्वर खदबदा रहे है। इस कारण उम्मीद थी कि जोधपुर को इस बार नया अध्यक्ष मिल जाएगा। लेकिन कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी।
यथा स्थित के पक्षधर है गहलोत
सूत्रों के अनुसार पायलट ने जोधपुर के दोनों अध्यक्षों की नियुक्ति की जिम्मेदारी पूरी तरह से गहलोत को सौंप रखी है। गहलोत फिलहाल जोधपुर शहर व देहात में यथास्थिति बरकरार रखने के पक्षधर है। ताकि नया चेहरा सामने आने पर पहले से हावी गुटबाजी को हवा नहीं मिल पाए। इसे ध्यान में रख गहलोत ने यहां के अध्यक्ष बदलने को नए नाम सुझाए ही नहीं।
ये बने जिलाध्यक्ष
अजमेर ग्रामीण-भूपेंद्र सिंह राठौड़,अजमेर शहर-विजय जैन, अलवर-टीकाराम जुली, बारां-पानाचंद मेघवाल, भरतपुर-शेरसिंह सूपा, बीकानेर ग्रामीण-महेंद्र गहलोत, चित्तौड़गढ़-मांगीलाल धाकड़, डूंगरपुर-दिनेश खोड़निया, दौसा-रामजीलाल ओड़, हनुमानगढ़-केसी विश्नोई, धौलपुर-अशोक शर्मा, जालोर-समरजीत सिंह, जयपुर शहर-प्रतापसिंह खाचरियावास, जयपुर ग्रामीण-राजेंद्र यादव, करौली-ओमप्रकाश शर्मा, कोटा ग्रामीण-सरोज मीणा, नागौर-जाकिर हुसैन, पाली-चुन्नीलाल राजपुरोहित, श्रीगंगानगर-संतोष सहारण और उदयपुर शहर-गोपाल कृष्ण शर्मा को जिलाध्यक्ष बनाया गया।
अगली स्लाइड में देखें अन्य फोटो