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उसके लिए उसके लिए

6 वर्ष पहले
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औरंगाबाद. नक्सलियों के डर से जहां अन्य पुलिस अधिकारी बख्तरबंद गाड़ियों और भारी भरकम काफिले के साथ चलना पसंद करते हैं वहीं, औरंगाबाद में तैनात SP बाबूराम की पसंदीदा सवारी बाइक है। बाइक पर सवार होकर वह नक्सलियों से लोहा लेने के लिए जंगल में घुस जाते हैं। 2009 बैच के IPS अधिकारी बाबू राम नक्सलियों के लिए काल साबित हो रहे हैं।
नक्सलियों की मांद में जाकर करते हैं वार
- बाबू राम ने जनवरी 2015 में औरंगाबाद एसपी के रूप में कार्यभार संभाला था।
- 1 साल में 60 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, 5 को मार गिराया और संगठन के शीर्ष 3 नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया।
- मदनपुर प्रखंड में पड़ने वाले नक्सलियों के ठिकाने जैसे छालीदोहर, लंगुराही हो या देव प्रखंड के अति नक्सलग्रस्त इलाका ढ़िबरा थाना के बांधगोरैया, बालूगंज, कचनपुर, कुटुंबा के संडा या फिर नवीनगर प्रखंड में पड़नेवाले नक्सली इलाका टंडवा, रामनगर, काला पहाड़ हो या माली, हर जगह वे स्वयं पहुंचे और नक्सलियों की मांद पर दबिश दी।
नक्सली नेताओं के घर जाकर कहा- कर लीजिए आत्मसमर्पण
- बाबू राम ने कहा कि औरंगाबाद में पोस्टिंग के बात 3 माह तक मैं ऑफिस में रहा और पूरे जिले को समझा।
- कई बड़े नक्सली नेताओं के घर गया। कभी रात को तो कभी सुबह उनसे मिलने पहुंच जाता था।
- नक्सली नेताओं और उनके परिवार को आत्मसमर्पण के लिए समझाया। बताया कि पुलिस उनकी मदद करेगी।
नक्सलियों के चलते दहशत में जीते थे लोग
-औरंगाबाद के लोग नक्सलियों के दहशत में जीने को मजबूर थे, मैंने इस आतंक को खत्म करने का बीड़ा उठाया।
- जो नक्सली सरेंडर कर रहे हैं उनकी मदद की जा रही है और जो नहीं मान रहे हैं उनके साथ सख्ती से निपटा जा रहा है।
आगे की स्लाइड्स में देखें, एसपी बाबू राम द्वारा बीते शनिवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन की PHOTOS...