पटना. चलती ट्रेन से लापता हुए कैप्टन शिखरदीप के मौत होने की आशंका जताई जा रही थी। कैप्टन के परिजनों ने वाराणसी जाकर एक युवक का शव देखने के बाद कहा कि यह शिखरदीप का शव नहीं है।
कुछ दिन पहले जैतपुर पुलिस ने एक घायल युवक को उत्तर प्रदेश के वाराणसी के अस्पताल में भर्ती कराया था। आज युवक की मौत हो गई। आशंका व्यक्त की जा रही थी कि मृतक युवक कैप्टन शिखरदीप हो सकते हैं। रेल पुलिस ने शिखरदीप के परिजन को मृतक युवक की पहचान करने के लिए बुलाया था।
लापता कैप्टन की तलाश में लगी NIA और सेना, वापसी के लिए मां कर रही पूजा
जम्मू. चलती ट्रेन से लापता हुए सेना के कैप्टन शिखरदीप की तलाश में सेना, पुलिस, आईबी और एनआईए की टीम को लगाया गया है। वे एक माह की छुट्टी पर घर आए थे और 6 फरवरी को दिल्ली के लिए ट्रेन से निकले थे। दिल्ली आने के बाद उनका सामान तो मिला, लेकिन उनका पता नहीं चला।
सहयात्रियों से पूछताछ में कोई सुराग हाथ नहीं लगा
जम्मू में राजौरी के नौशहरा के केरन सेक्टर में तैनात कैप्टन पूर्णिया जिले के महेंद्रपुर के लेफ्टिनेंट कर्नल अनंत कुमार के बेटे हैं। सेना, बिहार पुलिस आईबी और एनआईए ने भी जांच शुरू कर दी है। जम्मू में सेना के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
कटिहार के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपने स्तर से शिखरदीप की गायब होने और इससे संबंधित संभावनाओं को पूरी तरह खंगाला है। शिखरदीप के साथ चल रहे बर्थ नंबर 11, 12 के यात्री प्रेम भगत अशोक भगत से रेल पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन कुछ सामने नहीं आया।
बेटे की वापसी के लिए पूजा कर रही है मां
कटिहार. शिखरदीप के घर में अब दुआ और फरियाद का सिलसिला जारी है। शिखरदीप के पिता जो स्वयं सेना में है, वे गुरुवार को अपने परिजनों के साथ रेल एसपी से मिले और इस मामले में अपने बेटे का पता लगाने के लिए रेल पुलिस अधीक्षक से फिर गुहार की। बाद में उन्होंने बताया कि वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं है कि उनके बेटे के साथ क्या हुआ।
शिखरदीप के गायब हुए चार दिन बीत गए हैं। शिखरदीप की मां किरण देवी का और उसके परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है बेटे के सकुशल वापसी के लिए उसकी मां पूजा-पाठ कर रही है और पुलिस प्रशासन से अपने बेटे की वापसी के लिए गुहार लगा रही है। शिखरदीप अनंत कुमार का इकलौता पुत्र है।