पटना. जेएनयू में पिछले दिनों भारत विरोधी और आतंकी अफजल गुरू के समर्थन में लगे नारों के खिलाफ देश भर में माहौल गरम हो चुका है। पुलिस-प्रशासन अपने स्तर से मामले को देख रही है, तो कई छात्र संगठन इस मामले को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। राजधानी में भी जेएनयू में हुई देश विरोधी गतिविधि के खिलाफ एबीवीपी ने पटना कॉलेज से एक आक्रोश मार्च निकाला।
अशोक राजपथ होते हुए कारगिल चौक तक गए इस मार्च में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने वाले सभी छात्रों को गिरफ्तार कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इस दौरान पटना विवि के सीनेट सदस्य पप्पू वर्मा ने कहा कि जेएनयू में पढ़नेवाले हर छात्र पर तीन लाख रुपए प्रति वर्ष खर्च होता है, जो देश की जनता के गाढ़ी कमाई से आता है। लेकिन वामपंथ के नाम पर इनके समर्थक देश विरोधी कार्यों में लिप्त हैं और जेएनयू ऐसे ही लोगों का जमावड़ा बन गया है।
ऐसे देशद्रोही संगठनों के खिलाफ एबीवीपी केंद्र सरकार व राज्य सरकार से यह मांग करती है कि इन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो। साथ ही ऐसे संगठन पूरी तरह प्रतिबंधित किए जाएं। वहीं विवि प्रमुख हिमांशु यादव ने कहा कि जेएनयू कैंपस में अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर कम्युनिस्ट छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार के नारे लगाए हैं, उससे साबित होता है कि अब इनसे निबटने के लिए आर-पार की लड़ाई की जरूरत है। आक्रोश मार्च में विभाग संयोजक सुजीत पांडेय, विजय प्रताप, जिला संयोजक राहुल कुमार आदि मौजूद रहे।