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आतंक राज्य के आतंक राज्य के

5 वर्ष पहले
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दरभंगा. बिरौल थाना अंतर्गत घगजरी पासवान टोली स्थित गहवड़ के निकट रविवार दोपहर को मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन के दौरान हिंसा भड़क उठी। विसर्जन में शामिल युवकों पर एक पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। इसके बाद आक्रोश भड़क उठा और दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। इस बीच मामला शांत कराने पहुंचे दारोगा उपेंद्र प्रसाद के पेट में कुछ लोगों ने हंसुआ घोंप दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने 11 राउंड हवाई फायरिंग कर भीड़ को पीछे किया।
एक कंपनी बीएमपी के जवानों को भी वहां तैनात किया गया है। घटना का कारण पोखरा में विसर्जन नहीं होने देना बताया जा रहा है। एसएसपी ने बताया कि उपद्रवियों पर कड़ी कार्रवाई की जा जाएगी। घायल दारोगा के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। रविवार दोपहर करीब 2.30 बजे मूर्ति विसर्जन के दौरान दो पक्षों में मारपीट होने लगी।
हालांकि विसर्जन करने आए लोगों पर जब दूसरे पक्ष के लोग भारी पड़ने लगे तो मामले को शांत कर रहे पुलिस वालों पर भी कुछ लोगों ने हमला बोल दिया। विसर्जन में शामिल लोगों पर पथराव भी किया गया। बिरौल एसडीओ मो. शफीक, एसडीपीओ सुरेश कुमार, इंस्पेक्टर इंचार्ज जितेंद्र सिंह, सीओ आदि वहां पहुंचे। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर जिला मुख्यालय से डीएम बाला मुरुगन डी, एसएसपी अजीत कुमार सत्यार्थी भी पहुंचे।
भारी-सुरक्षा व्यवस्था के बीच ड्रेगन लाइट की रोशनी में मूर्ति को पानी में प्रवाहित किया गया। बेनीपुर एसडीपीओ अंजनी कुमार के अलावा मधुबनी से फोर्स बुलानी पड़ी। जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर घगजरी में दो पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है।
एसएसपी अजीत कुमार सत्यार्थी ने बताया कि दो मूर्तियों को विसर्जित करने के बाद तीसरी मूर्ति को विसर्जन करने के बीच ही घटना घटी है। हालांकि विसर्जन में शामिल लोगों की पहल से विसर्जन कार्य संपन्न कर लिया गया है।
आत्म रक्षा में पुलिस की ओर से 11 राउंड फायरिंग की गई है। दो इंस्पेक्टर सहित 8 पुलिस अधिकारी और एक कंपनी बीएमपी के जवानों को कैंप करने के साथ-साथ दोषियों को गिरफ्तार करने में लगाया गया है। इस मामले में अबतक बारह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। -अजीत कुमार सत्यार्थी, एसएसपी, दरभंगा
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