पटना. मटुकनाथ और जूली के प्यार के किस्से काफी मशहूर है। लेकिन, इस वेलेन्टाइन डे पर जूली उनके साथ नहीं है। लव गुरु मटुकनाथ ने कहा कि 9 सालों में पहली बार जूली मेरे साथ नहीं है। वह तीन महीने से गोवा में है। जूली से अलग रहने पर मटुकनाथ अपना वियोग नहीं छुपा सके। साधिका बन गई हैं जूली...
मटुकनाथ ने कहा कि जूली अब पूर्णतः साधिका हो गई और वो आध्यात्म की राह पर चली गई है। मटुकनाथ जूली के प्यार के चलते परिवार से अलग हो गए थे। उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद मटुकनाथ ने जूली का साथ नहीं छोड़ा था।
प्रेमिका जूली वर्षों तक साथ रही लेकिन इस वेलेन्टाइन डे में साथ नहीं रहने पर लवगुरू ने कहा इससे हमारा प्रेम कम नहीं हुआ है। हां मेरा प्यार असाधारण और सूक्ष्म दिशा में जरूर चला गया है। उन्होंने कहा हमारा प्रेम शरीर से नहीं बल्कि शरीर से आगे का है। जो केवल मन के एहसास से किया जाता है। मुझे जूली की याद हमेशा सताती है और वियोग के गीत गाता हूं।
कैसे शुरु हुई थी दोनों की लव स्टोरी...
पहली बार क्लासरूम में दोनों की मुलाकात हुई थी। 2004 में मटुकनाथ ने एक कैंप लगाया था, जिसमें जूली भी पहुंची थी। इसी दौरान दोनों में बातचीत शुरु हुई थी। फिर दोनों के बीच फोन पर घंटों बातें भी होती थी।
जूली ने किया था प्रपोज
प्रोफेसर की स्टूडेंट रही जूली ने उन्हें प्रपोज किया था। मटुकनाथ के मुताबिक, एक दिन जूली का फोन आया और उसने कहा कि वो मुझे पसंद करती हैं और मुझसे शादी करना चाहती हैं। मटुकनाथ ने जूली को समझाया कि वे पहले से शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। पर धीरे-धीरे मटुक भी जूली से प्यार करने लगे।
मटुकनाथ ने वेलेन्टाइन डे पर जूली को गिफ्ट की थी कार
अपने प्यार के कारण मटुकनाथ को काफी सालों तक नौकरी से बर्खास्तगी झेलनी पड़ी थी। हालांकि, 2013 में 13 फरवरी को पटना यूनिवर्सिटी ने मटुकनाथ को पिछले पांच साल के एरियर का 20 लाख रुपए दिए थे। उन्होंने उस पैसे से अगले दिन यानी 14 फरवरी को कार खरीद कर जूली को गिफ्ट की थी। मटुक को करीब 16 लाख रुपए मिले थे। चार लाख टैक्स के तौर पर काट लिए गए थे।
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