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बराबर की होती है। बराबर की होती है।

6 वर्ष पहले
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पटना. देश को तीन पहली वुमन फाइटर पायलट मिल गई हैं। अवनी चतुर्वेदी, मोहना सिंह और भावना कांत देश की पहली महिला फाइटर पायलट होंगी। इनमें से भावना बिहार के बेगुसराय जिले की रहने वाली हैं। भावना ने बताया कि महिलाओं के लिए फाइटर पायलट बनने का हमेशा से ही सही वक्त था। अभी हुआ है, जिसके लिए मैं शुक्रगुजार हूं। बचपन से फाइटर पायलट बनना चाहतीं थी भावना...
- भावना ने कहा कि बचपन से उसका सपना फाइटर पायलट बनने का था।
- यह ऐसा काम था, जिसे करने की कामना सिर्फ लड़के ही करते थे।
- मुझे परिवार का पूरा सपोर्ट मिला। घरवालों ने कभी ऐसा फील नहीं होने दिया कि मैं लड़की हूं इसलिए कुछ अलग नहीं सोच सकती।
- यह पहली बार है कि किसी महिला को फाइटर प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग दी गई।
भावना की तरह देश की हर बेटियां छुएं आसमान
- देश की हर बेटी आकाश में उड़े, बुलंद सपने देखे और अपनी मेहनत के बल पर कामयाबी की बुलंदियों को छुए।
- यह ख्वाहिश है देश की पहली महिला फाइटर पायलट भावना कांत के पिता तेजनारायण कांत की।
- मथुरा रिफाइनरी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत तेजनारायण ने बताया कि भावना बचपन से ही आकाश में उड़ना चाहती थी।
- बीआर डीएवी से बारहवीं पास करने के बाद बेंगलुरू के बीएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स की पढ़ाई करने के बाद कमीशन फेस कर भावना ने एयर फोर्स ज्वाइन किया।
- भावना के पिता कहते हैं कि शुरुआत में तो भावना को बतौर पायलट चुना गया।
- बाद में जब पीएम मोदी ने महिलाओं को फाइटर प्लेन की कमान देने की योजना बनाई, तो उसमें भावना का भी चयन किया गया।
- 14 महीने से प्रशिक्षण हैदराबाद में चल रहा है।
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