नई दिल्ली. 56 पूर्व सांसदों पर अपने टेन्योर के बाद भी ऑफिशियल रेजिडेंस पर कब्जा रखने को लेकर किराए के तौर पर 93 लाख रुपए से ज्यादा बकाया है। 31 दिसंबर 2015 तक बकाए का स्टेट्स दिखाने वाले डॉक्यूमेंट्स एस्टेट डायरेक्टोरेट ने आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष अग्रवाल को दिए है जिसमें यह जानकारी सामने आई है। किन पूर्व सांसदों ने नहीं दिया किराया...
बीजेपी :
यशवंत सिन्हा :3.84 लाख
रमाकांत यादव :2.05 लाख
दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव :3.58 लाख
कांग्रेस :
प्रताप सिंह बाजवा :1.47 लाख
राजा राम पाल : 4.48 लाख रुपए
मोहम्मद अजहरूद्दीन पर : 2.5 लाख रुपए
आरजेडी:
मंगनी लाल मंडल पर :4.42 लाख रुपए
सबसे ज्यादा बकाया सांघी पर
-सबसे ज्यादा बकाया राज्यसभा के पूर्व मेंबर गिरीश कुमार सांघी पर 23 लाख रुपए से ज्यादा का है।
-सांघी हाल में ही कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
क्या कहना है सांघी का?
- सांघी के मुताबिक उन्होंने 2010 में बंगला खाली कर दिया था। तालकटोरा स्थित उनका बंगला किसी और को अलॉट किया गया था।
- उन्होंने कहा, घर किसी और को अलॉट किया गया है लेकिन बकाया मेरे हिसाब में दिखाया जा रहा है। उन्हें साफ करना चाहिए कि मकान पर किसका कब्जा है।
- उन्होंने कहा, ‘मुझे नोटिस मिला है और मैंने उन्हें जवाब दे दिया है और उनसे क्लियर करने को कहा कि क्या यह मेरा नाम है या किसी दूसरे आदमी का।
क्या कहना है आरटीआई एक्टिविस्ट सुभाष अग्रवाल का?
- अग्रवाल ने दावा किया, सांघी सरकारी घर पर बहुत खर्च करने के लिए जाने-जाते थे।
- अग्रवाल के मुताबिक, सांघी ने एक मंजिला बंगले को दो मंजिला में भी बदल दिया।
- उन्होंने कहा, बकाया किराए को पेंशन से ऑटो एडजस्ट करने का प्रोविजन जरूर होना चाहिए।
- इलेक्शन कमीशन को पूर्व और मौजूदा सांसदों और राज्य के विधायकों को तब तक कोई चुनाव लड़ने की परमिशन नहीं देनी चाहिए जब तक कि वे अपने पेंडिंग ड्यूज की पेमेंट नहीं कर देते।
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