नई दिल्ली। इस वैलेंटाइन-डे पर कश्मीरी गेट के पास स्थित म्यूनिसिपिलिटी कम्युनिटी सेंटर में करीब 6 ट्रांसजेंडर महिलाएं अपने मेल पार्टनर के साथ शादी करेंगीं। एक एनजीओ इस फंक्शन के लिए बैंड-बाजा और बारात का इंतजाम करेगा।
निकलेगी बारात बजेगा ढोल
-एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक पिछली बार सुप्रीम कोर्ट के सेक्शन 377 पर आए एक ऑर्डर के बाद एलजीबीटी अधिकारों के लिए काम कर रहे स्पेस (SPACE) नाम के इस एनजीओ ने रिंग सेरेमनी ऑर्गेनाइज की थी।
-इस बार यह एनजीओ एक छोटी सी बारात निकालेगा।
-प्रोग्राम में करीब कम्युनिटी से 200 गेस्ट के आने की उम्मीद है।
-स्पेस के कश्मीरी गेट सेंटर में तीन जोड़ों ने शादी से पहले की मेहंदी की रस्म भी निभाई है।
-स्पेस उन जोड़ों को चुनता है जिन्होंने साथ में कुछ साल गुजारे हों और आगे भी ज्यादा वक्त भी साथ गुजारना चाहते हो।
अली और जनश्री की लव स्टोरी
-अली और जनश्री ने पांच साल एक साथ गुजार चुके हैं।
-2011 में उनकी मुलाकात एक पार्टी में हुई थी और कुछ महीनों के बाद ही अली यह समझ गए थे कि उनके पैरेंट्स इस रिलेशनशिप को सहन नहीं करेंगे।
-लेकिन दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और गोकुलपुर में एक फ्लैट में रहने लगे जहां अली अपना फर्नीचर स्टोर चलाता है।
-स्टोर के एम्पलॉयी जनश्री को भाभी कहते हैं हालांकि वह अली के फैमिली की बहू तो नहीं बन सकी।
-अली का कहना है कि आगे चलकर हम एक बच्चा गोद ले सकते हैं।