(फोटो: नाचकर जीत का जश्न मनाते एबीवीपी के कार्यकर्ता)
नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों पर भी प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का प्रभाव छाया और बीजेपी की छात्र इकाई एबीवीपी ने यूनिवर्सिटी के छात्र संघ (डूसू) की चारों सीटों पर कब्जा जमाया। इन चुनावों में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई को करारी शिकस्त मिली। उसका एक भी उम्मीदवार चार में से एक सीट भी नहीं जीत सका। अहम यह भी है कि 18 साल बाद संगठन ने सभी पदों पर जीत हासिल की है। बीजेपी अध्यक्ष
अमित शाह ने इस शानदार जीत पर एबीवीपी उम्मीदवारों को बधाई दी है।
FYUP को दिया जीत का श्रेय
पिछले वर्ष एबीवीपी ने डूसू के तीन पदों पर जीत दर्ज की थी और एनएसयूआई एक पद पर जीती थी। हालांकि इस बार डूसू से एनएसयूआई का सूपड़ा साफ हो गया। एबीवीपी ने अपनी जीत का श्रेय चार साल के पाठ्यक्रम को तीन वर्ष में बदलवाने को दिया है।
दो हजार वोटों से जीता अध्यक्ष पद
डूसू के अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के मोहित नगर ने एनएसयूआई के गौरव तुषीर को दो हजार से अधिक मतों से हराया है। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के ही प्रवेश मलिक ने एनएसयूआई की मोना चौधरी को, सचिव पद पर एबीवीपी की कनिका शेखावत ने एनएसयूआई के अमित सिद्धू और संयुक्त सचिव के पद पर एबीवीपी के आशुतोष माथुर ने एनएसयूआई के अभिषेक चौधरी को हराया।
कॉलेज यूनियनों पर भी छाई एबीवीपी
एबीवीपी लीडर रोहित चहल के अनुसार, केवल डूसू ही नहीं, कॉलेजों की यूनियनों के चुनावों में भी एबीवीपी ने शानदार जीत दर्ज की है। विवेकानंद कॉलेज, एसआरसीसी, श्यामलाल मॉर्निंग कॉलेज, खालसा कॉलेज, देवनगर खालसा कॉलेज, जाकिर हुसैन मॉर्निंग कॉलेज, रामलाल आनंद कॉलेज जैसे अधिकतर कॉलेजों में भी संगठन सभी पदों पर जीता है। वहीं, तिब्बिया कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज में भी एबीवीपी उम्मीदवार जीते हैं।
जानिए, किसे मिले कितने वोट
एबीवीपी
मोहित नागर (अध्यक्ष)- 20,718
प्रवेश मलिक (उपाध्यक्ष)- 21,935
कनिका शेखावर (सचिव)- 18,671
आशुतोष माथुर (सह सचिव)- 23133
एनएसयूआई
गौरव तुषीर (अध्यक्ष)- 19,804
मोना चौधरी (उपाध्यक्ष)- 14,076
अमित सिंह (सचिव)- 15,649
अभिषेक चौधरी (सह सचिव)- 12,065
फोटो: भूपिंदर सिंह
आगे तस्वीरों के जरिए देखिए, जीत के बाद नॉर्थ कैंपस में एबीवीपी का जश्न।