(फाइल फोटो: शारदा घोटाला सामने आने के बाद नाराज निवेशक प्रदर्शन करते हुए।)
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शारदा घोटाला मामले में 14 कंपनियों पर मुकदमा चलेगा। घोटाले की जांच कर रहे गंभीर हेराफेरी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने आज यह जानकारी देते हुए कहा कि इन कंपनियों को पांजी निवेश योजनाएं चलाने का दोषी पाया गया है और इनके खिलाफ कई नियमों के उल्लंघन का मामला बनता है।
जांच के दौरान पाया गया कि ये कंपनियां पुराने निवेशकों का पैसा चुकाने के लिए निवेश से कमाए गए लाभ की जगह नए निवेशकों के पैसे का इस्तेमाल करती थीं, जो पांजी निवेश योजनाओं की परिभाषा के दायरे में आता है। एमएफआईओ द्वारा पिछले दिनों जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद कंपनी मामलों के मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि इन कंपनियों को सेबी तथा भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।
इन कंपनियों पर राज्य सरकारों द्वारा स्थानीय नियमों के उल्लंघन का भी मुकदमा चलाया जा सकता है। इसके अलावा जांच रिपोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो के साथ भी साझा की जायेगी ताकि एक ही मामले में दो अलग-अलग मुकदमा दायर करने से बचा जा सके।
शारदा चिटफंड घोटाले के नाम से कुख्यात इस मामले का खुलासा पिछले साल हुआ था। इसमें पांजी योजना के जरिए पश्चिम बंगाल तथा पड़ोसी राज्यों के कई निवेशकों के करोड़ों रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया था। साथ ही राज्य के कुछ बड़े नेताओं की संलिप्तता भी पाई गई थी।