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7 वर्ष पहले
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(फोटो:आईसा की जीत की घोषणा के बाद जेएनयू में गूंजे लाल सलाम के नारे)
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्विद्यालय में वामपंथ का कब्जा कायम रहा है। लगातार दूसरी बार चारों सीटें ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आईसा) ने जीतीं हैं। कल आए डूसू चुनाव के परिणामों के बाद जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में भी उल्टफेर की भी उम्मीद की जा रही थी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। गौरतलब है कि डूसू चुनाव में चारों महत्वपूर्ण सीटें एबीवीपी ने जीतीं थीं।
रविवार को घोषित नतीजों के मुताबिक आशुतोष कुमार प्रेजिडेंट और अनंत प्रकाश नारायण वाइस-प्रेजिडेंट चुने गए हैं। चिंटू कुमारी जनरल सेक्रेटरी और शफाकत हुसैन बट जॉइंट सेक्रेटरी बने हैं।
12 सितंबर को हुए जेएनयूएसयू चुनाव में 54 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और महिलाओं की सुरक्षा तथा छात्रावास सुविधाएं इस बार अहम मुद्दों के रूप में सामने आए।
पहली बार मतदान में चुनाव कमेटी ने इनमें से कोई नहीं (नोटा) विकल्प शुरू किया। सेंट्रल पैनल सीटों में से तीन में 300 से ज्यादा नोटा वोट आए।
पहली बार आजमाए गए डिजीटल वोटिंग का भी दृष्टिहीन छात्रों ने बड़ी संख्या में इस्तेमाल किया। जेएनयूएसयू विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है।
इससे पहले कल आए डूसू चुनाव के परिणामों में भी आईसा ने बेहतर प्रदर्शन कर सबको चौका दिया है। हालांकि आईसा कोई भी सीट नहीं जीत पाई लेकिन आईसा एबीवीपी और एनएसयूआई के वोटों में सेंध लगाने में कामयाब रही।
तस्वीरों में आगे देखें कैसे मनाया आईसा कार्यकर्ताओं ने जीत का जश्न
सभी फोटो: भूपिंदर सिंह