(फोटो: ई-रिक्शा के मुद्दे पर नितिन गडकरी से मिले अरविंद केजरीवाल )
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने 'नीति-निर्धारण में पंगुता’ के लिए भाजपा पर हमला बोलते हुए आज कहा कि अगर अगले 10 दिन में प्रतिबंधित ई-रिक्शा पर कोई फैसला नहीं किया गया तो वह आंदोलन करेंगे।
केजरीवाल ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करने के बाद कहा कि अगर तेजी से कोई फैसला किया गया होता तो सरकार ई-रिक्शा को प्रतिबंध से बचा सकती थी। आप नेता ने कहा, 'कांग्रेस सरकार नीति-निर्धारण में पंगुता का शिकार हुई और कोई फैसला नहीं किया। भाजपा सरकार भी उसी समस्या का सामना कर रही है।‘
केजरीवाल ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि गडकरी ने रामलीला मैदान में रैली में घोषणा की थी कि ई-रिक्शा के मुद्दे पर जल्द ही कोई नीतिगत फैसला किया जाएगा।
आप नेता ने कहा, 'नितिन गडकरी ने रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था और आश्वासन दिया था कि मंत्रालय एक माह के अंदर कोई नीति पेश करेगा। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ और ई-रिक्शा चालकों के 2 लाख से ज्यादा परिवार भूखे मर रहे हैं।’
केजरीवाल ने कहा,'अगर इस पर अगले 10 दिन में कोई नीति नहीं आती है तो हम आंदोलन छेड़ेंगे।‘ आप नेता ने दावा किया कि जब उन्होंने रैली में किए गए आश्वासन के बारे में गडकरी से पूछा तो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने जवाब दिया कि उनपर अमल नहीं किया जा सका क्योंकि वे कानूनी प्रकृति के नहीं थे।
केजरीवाल ने अपने ट्वीट संदेश में कहा, 'उन्होंने(गडकरी ने)कहा कि उनके मंत्रालय ने बाद में उनसे कहा कि इन घोषणाओं को कार्यान्वित नहीं किया जा सकता क्योंकि वे कानूनी नहीं हैं। आश्चर्यजनक।‘
गडकरी ने कल कहा था कि ई-रिक्शा चलाने पर अगले 10 दिनों में कोई अधिसूचना जारी की जाएगी। उच्च न्यायालय ने ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा था, 'ई-रिक्शा से संबंधित एक अधिसूचना जारी की गई है। हम इसे वेबसाइट पर डालेंगे और अगले दस दिन में लोगों की राय लेंगे और उसके तत्काल बाद समस्या हल करेंगे। हम ई-रिक्शा चलाने के लिए अंतिम अधिसूचना 10 दिन बाद जारी करेंगे।’
केजरीवाल ने कहा कि गडकरी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी से भी संपर्क किया था क्योंकि दिल्ली पुलिस ने बहुत से ई-रिक्शा जब्त किए हैं। उन्होंने कहा, 'ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की है कि उनके वाहनों के कई कलपुर्जे लापता हैं। पुलिस आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि अगर चालक और मालिक अदालत के समक्ष वाहनों के छोड़े जाने का कोई आग्रह करें तो पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी।