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7 वर्ष पहले
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(फाइल फोटो: अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी)
नई दिल्ली। अपने विरोधियों पर दबाव बनाने के लिए आम आदमी पार्टी(आप) ने अब एक नई रणनीति अपनाई है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने तय किया है कि वह दिल्ली में अपने 49 दिन के शासनकाल के दौरान किए गए कामों का प्रचार करेगी और साथ ही मोदी सरकार के 100 दिनों के कामकाज पर निशाना साधेगी।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में दिसंबर 2013 में कांग्रेस के आठ विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी लेकिन लोकपाल के मुद्दे पर मतभेदों के चलते अरविंद केजेरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
पार्टी के एक सीनियर नेता के मुताबिक, ‘लोगों ने हमें लगातार यह बताया है कि वे हम से इसलिए नाराज है क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि आप सरकार चली जाए। लोग हमारे कामों से काफी खुश थे। हम लोगों को अपने कार्यकाल की याद दिलाएंगे जब हमने भ्रष्टाचार पर अंकुश लागाया था और दूसरे कई मुद्दों पर काम किया था। इसकी तुलना में मोदी सरकार, जो कि बड़े-बड़े वायदे कर सत्ता में पहुंची है, ने भ्रष्टाचार और मंहगाई के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया है।’
सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने ऐसे 14 मुद्दों की लिस्ट बनाई है जिनमें आप शासनकाल के दौरान स्थितियां बेहतर हुईं। इनमें महिला सुरक्षा, अनधिकृत कालोनियों, यातायात, सामाजिक न्याय, कराधान, न्यायिक सुधार, जन लोकपाल, कानून व्यवस्था, बिजली, हेल्थ, महंगाई, शिक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आप की बेबसाइट पर एक पेज इन सभी मुद्दों पर विस्तार से जानकारी देता है। इनमें आप सरकार द्वारा किए गए कामों का ब्यौरा दिया गया है।
आप के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पोस्टर्स और सोशल मीडिया कैम्पैन के जरिए हम पार्टी की जीत सुनिश्चित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि हम किसी भी कीमत पर बीजेपी को दिल्ली में अनैतिक तरीकों से सरकार नहीं बनाने देंगे। अब सिर्फ चुनाव ही एक रास्ता बचा है।
आगे पढ़िए: दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ बनाना चाहती है आम आदमी पार्टी।