(फोटो: हेमा मालिनी का पुतला फूंकतीं महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता)
नई दिल्ली। वृंदावन की विधवाओं पर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद चौतरफा आलोचना से घिरी सांसद हेमा मालिनी ने आज सोशल मीडिया के मार्फत सफाई दी। उन्होंने अपने बयान पर सफाई देते हुए ट्वीट किया, 'मैं केवल इतना कहना चाहती हूं कि बच्चों को अपनी मां को ऐसे घर से नहीं निकालना चाहिए, बल्कि उनकी पूरी देखभाल करनी चाहिए। बच्चों में इसको लेकर सजगता नहीं है।'
हेमा ने आगे लिखा है, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा से ऐसी विधवाओं की संख्या अधिक है, जो घर से निकाली गई हैं। मेरी यहां के लोगों से दरख्वास्त है कि विधवाओं के लिए और भी ज्यादा मानवीय रुख अपनाने के साथ-साथ उनका पूरा ख्याल भी रखें।
हेमा मालिनी ने ट्वीट में आगे लिखा है कि कृपया मुझे बताएं कि ऐसा कहकर मैंने क्या गलती कर दी कि बच्चों को अपने कर्तव्य का ख्याल रखना चाहिए। अपनी विधवा मां को ट्रेन में सामान की तरह चढ़ाकर उन्हें भूल नहीं जाना चाहिए।
वहीं, हेमा के बयान के विरोध में आज महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में जमकर प्रदर्शन किया और सांसद से माफी की मांग करते हुए उनका पुतला भी फूंका। महिला कांग्रेस की नेता शोभा ओझा ने कहा कि हम हेमा मालिनी के बयान की निंदा करते हैं और उन्हें इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
गौरतलब है कि हेमा मालिनी ने वृंदावन की विधवाओं को लेकर एक बेहद विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने कहा था, वृंदावन की विधवाओं की अच्छी आय और बैंक बैलेंस होने के बावजूद वे आदतन भीख मांगती हैं। बंगाल, बिहार से विधवाओं को वृंदावन आकर भीड़ नहीं बढानी चाहिए। वे अपने राज्य में ही रहें। हालांकि चारों तरफ से आलोचना होते देख बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी। उन्होंने ट्वीटर पर कई ट्वीट करके अपने बयान पर सफाई दी।
सभी फोटो: भूपिंदर सिंह
आगे देखिए, प्रदर्शन की तस्वीरें।