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7 वर्ष पहले
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नई दि‍ल्ली: टीकाकरण के जरिए हम बच्चों को मीजल्स, खसरा, डिप्थीरिया, काली खांसी से बचा सकते है। इसके लिए यूनिसेफ द्वारा चलाए जा रहे नियमित टीकाकरण अभियान में dainikbhaskar.com अपना विशेष योगदान दे रहा है। dainikbhaskar.com अपील कर रहा है कि इस अभियान से जुड़कर टीकाकरण के प्रति लोगों में जागरुकता जगाने के लिए अधिक से अधिक लोग अपना योगदान दें जिससे कि हम 100 प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्‍त कर सकें, जिससे हर बच्चे को मिले सुरक्षित बचपन ।
यूनिसेफ का टीकाकरण अभियान और भास्‍कर की पहल
नियमित टीकाकरण जागरुकता अभियान के तहत यूनिसेफ के साथ मिलकर दैनिक भास्‍कर देश के प्रमुख 6 राज्‍यों में लोगों को जागरुक कर रहा है। दि‍ल्ली से चलने वाली पुरी एक्‍सप्रेस के 6 प्रमुख कोचों में लोगों को नियमित टीकाकरण क्‍यों जरूरी है हम बताने का प्रयास कर रहें है। यह अभियान 28 अगस्‍त से शुरु हुआ है जो 28 सितंबर तक चलेगा।
क्‍या है नियमित टीकाकरण कार्यक्रम

भारत सरकार देश के लगभग सभी हिस्‍सों में पांच साल से कम उम्र के बच्‍चों को बचाने के लिए नियमित टीकाकरण अभियान चला रही है। सरकार को पोलियो उन्मूलन में जैसी सफलता मिली वैसी ही सफलता की उम्‍मीद इस नियमित टीकाकरण अभियान से भी है। इस पूरे कार्यक्रम में सरकार को कई अंतरराष्‍ट्रीय संस्थाएं मदद कर रही है। यूनिसेफ भी उन्‍हीं में से एक है। dainikbhaskar.com ने भी यूनिसेफ के साथ मिलकर इस पहल में अपना योगदान देते हुए लोगों को नियमित टीकाकरण अभियान से जोड़ने के लिए पहल की है।
टीकाकरण के अभाव में होती है लाखों बच्‍चों की मौत
भारत में हर साल 27 मिलियन बच्‍चों का जन्‍म होता है, जिसमें से 1.3 मिलियन ऐसे बच्चे जिनकी मौत हो जाती है। इसमें से 25 से 30 फीसदी बच्चे ऐसे है जिनका नियमित टीकाकरण हुआ होता तो वह बच सकते थे। इन आकड़ों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि नियमित टीकाकरण भारत जैसे देश में बहुत जरूरी है। सरकार जो जो लक्ष्य है उससे वह अभी बहुत पीछे है।
टीकाकरण से जुडीं कुछ खास बातें :
  1. टीकाकरण से हम बच्‍चों को मीजल्स, खसरा, डिप्थीरिया, काली खांसी आदि प्रमुख बीमारियों से बचा सकते हैं।
  2. पूर्ण टीकाकरण न होने पर बच्‍चा खसरे का शिकार हो सकता है और ऐसा होने से उसे काली खांसी और निमोनिया की शिकायत भी हो सकती है। इसके चलते बच्‍चा कुपोषण का शिकार हो जाता है।
  3. भारत में 46 फीसदी बच्चे कुपोषण के शिकार है।
आगे पढ़ें किन राज्यों में बेहद स्लो है टीकाकरण की दर