(फाइल फोटो: एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते केजरीवाल एवं उनकी पार्टी के नेता)
नई दिल्ली. कांग्रेस लीडर कपिल सिब्बल मानहानि केस में आज आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया
अरविंद केजरीवाल और उनके दो नेताओं को अदातल से बड़ा झटका मिला। पटियाला हाउस की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने केजरीवाल मनीष सिसोदिया, प्रशांत भूषण और पार्टी की पूर्व नेता शाजिया इल्मी के खिलाफ आरोप तय कर दिए। आपराधिक मानहानि का यह केस कपिल के बेटे अमित सिब्बल ने दायर किया था।
नेताओं ने नहीं स्वीकारा दोष, मांगा ट्रायल
इस केस में केजरीवाल, मनीष, प्रशांत और शाजिया ने अदालत के समक्ष दोष न स्वीकारते हुए अदालत से ट्रायल की मांग की। इसके बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सुनील कुमार शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 जनवरी 2015 तय की। इस दिन गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
कपिल सिब्बल पर डील के बदले दो हजार करोड़ लेने का लगाया था आरोप
वर्ष 2013 में केजरीवाल द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अमित सिब्बल ने यह केस अदालत में दायर किया था। इस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि कपिल सिब्बल ने कानून मंत्री बनने के महज 24 घंटों के भीतर ही हचिसन एसार को वोडाफोन की 11,217 करोड़ की देनदारी का मामला कोर्ट के बाहर ही निपटवा दिया था। आरोप यह भी था कि इस दौरान कपिल के बेटे अमित हचिसन में नौकरी कर रहे थे। केजरीवाल ने सवाल उठाया था कि इस काम के लिए सिब्बल को 2000 करोड़ रुपए तो नहीं दिए गए थे।