नई दिल्ली: राजधानी के चिड़ियाघर में मंगलवार को बाड़े में गिरने के बाद
सफेद बाघ का शिकार बने
युवक की जान बचाई जा सकती थी। जानकारों का कहना है कि पशुओं को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल होने वाली ट्रैंक्विलाइजर गन का इस्तेमाल करके ऐसा किया जा सकता था। हालांकि, चिड़ियाघर का प्रशासन इस बात से इनकार कर रहा है। उसके मुताबिक, कानून के तहत सिर्फ डॉक्टर ही इस गन का इस्तेमाल कर सकता है। किसी गार्ड को यह नहीं दी जा सकती।
क्या है पूरा मामला
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे मकसूद नाम का युवक बाड़े की दीवार पर चढ़कर बाघ की तस्वीरें खींचने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर बाड़े के अंदर बनी सूखी खाई में जा गिरा। बाड़े में फिसलने के थोड़ी देर बाद मकसूद के पास बाघ आया। चश्मदीदों का कहना है कि 10 मिनट तक बाघ ने मकसूद नाम के इस युवक पर हमला नहीं किया। इस बीच मकसूद बाघ के सामने हाथ जोड़े रहा। लेकिन इसी दौरान किसी ने बाघ पर पत्थर फेंक दिया, जिससे वह भड़क गया और फिर उसने मकसूद पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि बाघ युवक को 15 मिनट तक घसीटता रहा।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने
मोबाइल फोन से घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया है, जिसमें बाघ छात्र को अपने एन्क्लोज़र में घसीटता हुआ दिखाई दे रहा है।
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