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7 वर्ष पहले
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(फोटो: हादसे के बाद शुरू हुआ जू में तार की बाड़ लगाने का काम।)
नई दिल्ली. दो दिन पहले एक युवक के सफेद बाघ का शिकार बन जाने के बाद दिल्ली के चिड़ियाघर को अपना मास्‍टरप्‍लान बदलने के लिए कहा गया है। यह आदेश सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) ने दिया है। दिल्‍ली चिड़‍ियाघर प्रशासन ने आदेश को अमल में लाते हुए पर्यटकों के रास्ते के साथ-साथ तारों की बाड़ लगाने का काम शुरू किया है। हालांकि, ताजे निर्देश से चिड़‍ियाघर के खुद के बनाए उस गाइडलाइन का उल्‍लंघन मुमकिन है, जिसमें कहा गया है कि जू में जानवरों के बाड़े के बाहर ऐसे बैरियर लगे होने चाहिए, जो पूरी तरह सुरक्षित हों और जिनसे पर्यटक जानवर के पास जाए बगैर उन्हें पूरी तरह देख सकें। एक अधिकारी ने कहा, ''नए निर्देश पर सबसे बड़ी आपत्ति तो यही है कि पर्यटक ढंग से जानवरों को देख नहीं पाएंगे। इस वजह से विजिटर्स की संख्या कम होने की आशंका है।
दूसरे चिड़‍ियाघरों में भी लागू हो सकते हैं नियम
सीजेडए का यह निर्देश देश भर के चिड़ियाघरों को लागू करना पड़ सकता है, क्योंकि उसकी गाइडलाइंस सभी चिड़ियाघरों पर लागू होती हैं। एक अधिकारी के मुताबिक, "दिल्ली चिड़‍ियाघर का मास्टर प्लान सीजेडए के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही पास किया गया था। सीजेडए का यह नया निर्देश अब सीजेडए की मौजूदा गाइडलाइंस में भी जुड़ेगा, जिसे दूसरे चिड़ियाघरों को लागू करना होगा।"
जू प्रशासन को क्लीन चिट
मंगलवार को दिल्ली के चिड़ियाघर में हुए हादसे के बाद सीजेडए की दो सदस्यीय जांच टीम ने बुधवार को जू का दौरा किया। एक अधिकारी ने कहा, "हम यह नहीं कह सकते कि यह चिड़ियाघर प्रशासन की गलती है। चिड़ियाघर के पिंजड़े तो सीजेडए की गाइडलाइंस से भी बड़े हैं। वहीं, यहां पर्यटकों को सुरक्षित रखने के लिए तीन बैरियर हैं। यहां जानवरों को तंग न करने के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगे हुए हैं। मैं सोच भी नहीं पाता कि कैसे कोई शख्‍स धातु के बने बाड़े और बाद में दीवार पारकर गया। हम इस हादसे से बहुत दुखी हैं, लेकिन बाड़ मापदंडों को पूरा करती है।" जांच टीम वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है। (क्लिक करें और देखें घटना का वीडियो)
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