नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजीत सिंह को सेंट्रल दिल्ली के सरकारी बंगले 12, तुगलक रोड में समय सीमा से अधिक रहने के कारण 5 लाख रुपए का जुर्माना भरना होगा।
गौरतलब है कि अजीत सिंह ने शुक्रवार को केंद्र के बार-बार कहने के बाद तीन महीने की देरी से सरकारी बंगला खाली कर दिया था। अजीत सिंह के बंगला खाली करने के बाद बंगले पर लगी नेम प्लेट और सुरक्षा वहां से हटा ली गई है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अजीत सिंह को बंगले के किराए का 55 गुना ज्यादा जुर्माना देना होगा। बंगले का मासिक किराया 3500 रुपये है, जबकि तीन महीने की जुर्माने की रकम करीब 5, 77, 550 रुपए है।
इससे पहले अजीत सिंह ने मांग की थी कि इस बंगले को उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की याद में एक स्मारक बना दिया जाए, जो यहां रहा करते थे। अजीत सिंह इस बंगले में करीब 36 वर्षों से रह रहे थे।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने अब तक यही कहा कि इस घर को स्मारक में बदलवाने का कोई भी औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया।
9 सितंबर को अजीत सिंह सहित उन पूर्व सांसदों के बंगलों की बिजली-पानी सप्लाई न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल द्वारा काट दी गई, जो अपनी समय सीमा से ज्यादा समय तक बंगलों में रुके हुए थे और केंद्र द्वारा बार-बार कहने पर भी बंगला खाली नहीं कर रहे थे।
अजित सिंह के जाने के बाद बंगले में मरम्मत का काम शुरू हो चुका है। इस बंगले में युवा मामलों के मंत्री सरबानंद सोनोवाल के शिफ्ट होने की संभावना है। फिलहाल, सबानंद ग्रीनपार्क के एक गेस्ट हाउस में ठहरे हुए हैं। बंगले में करीब 15 अक्टूबर तक मरम्मत का काम चलने की संभावना है। बंगले की बाउंड्री वाल के टूटे हिस्से, टाइल्स को बदलना और सर्वेंट क्वार्टर की मरम्मत का काम चल रहा है।
पिछले हफ्ते हरियाणा और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में किसानों ने दिल्ली पहुंचकर केंद्र सराकर द्वारा बंगला खाली करवाने के विरोध में प्रदर्शन किया था। इन किसानों ने 12 तुगलक रोड जाने की कोशिश की थी, जिसके चलते सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों को बंद कर दिया गया था।
आगे देखिए बंगला खाली करने की तस्वीरें...
सभी फोटो - भूपिंदर सिंह।