पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(फाइल फोटो : सोनिया गांधी, राहुल गांधी )
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार के प्रमुख मंत्रालयों की नीतियों और निर्णयों पर नजर रखने के लिए सात 'शैडो कैबिनेट’ कमेटियां बनायी हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने यह जानकारी दी। इन समितियों में शामिल किए गए लोगों में मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, ए के एंटनी, वीरप्पा मोइली, आनंद शर्मा और आस्कर फर्नाडिस प्रमुख हैं।
जो समिति वित्त, वाणिज्य, सूचना एवं प्रसारण तथा विदेशी मामले को देखेगी उसमें मोइली, शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया को रखा गया है, जबकि गृह, रक्षा और कानून पर बनी समिति में एंटनी, अश्विनी कुमार और राजीव सातव को शामिल कि या गया है।
दिग्विजय सिंह, अशोक चव्हाण और निनांग इरिंग उस समूह में शामिल हैं जो कृषि, पेयजल और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसी तरह फर्नाडिस एवं रंजीत रंजन के साथ खड़गे रेलवे और श्रम संबंधी समिति में तथा स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास संबंधी समिति में आजाद, जे. डी. सलीम और के सुरेश को रखा गया है।
मानव संसाधन विकास, पंचायती राज और पूर्वोत्तर मामलों पर समिति में मणिशंकर अय्यर, भालचन्द मुंगेकर और सुष्मिता देव तथा ग्रामीण विकास एवं पर्यावरण पर समिति में के वी थॉमस, जयराम रमेश और गौरव गोगई को रखा गया है।
पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया है कि इन्हें 'शैडो कैबिनेट’ कमिटी कहना सही नहीं है, क्योंकि इनका गठन विभिन्न मुद्दों को देखने के लिए किया गया है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस रचनात्मक और कारगर विपक्ष की भूमिका निभाए।
पार्टी नेताओं के मुताबिक इन कमेटियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांग्रेस रचनात्मक और कारगर विपक्ष की भूमिका निभाए।