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7 वर्ष पहले
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(फोटो: सचिन की आत्‍मकथा का कवर चित्र)
नई दिल्‍ली। रन बनाने के लगभग सारे रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके सचिन तेंदुलकर ने जब वकार युनूस और वसीम अकरम जैसे खतरनाक तेज गेंदबाजों से सजी पाकिस्तानी टीम के खिलाफ 1989 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था तब वह इतने डरे हुए थे कि उन्हें इस स्तर पर खेल सकने की अपनी काबिलियत पर शक होने लगा था।
हाल ही में जारी अपनी आत्मकथा ‘प्‍लेइंग इट माय वे’ में तेंदुलकर ने खुलासा किया कि उनकी पहली टेस्ट पारी उनके लिए किस कदर कठिन गुजरी थी।
उन्होंने अपनी किताब में लिखा, वह अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहली पारी में मैं वसीम और वकार के सामने था और मुझे बल्लेबाजी की अपनी क्षमता पर शक होने लगा और मेरे भीतर यह सवाल उठने लगा कि क्या मैं कभी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा खेल सकूंगा।
उन्होंने आगे लिखा, मेरा पदार्पण इसलिए और भी खास हो गया था, क्‍योंकि हम पाकिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान में खेल रहा था और उनके पास इमरान खान, वसीम अकरम, वकार युनूस, आकिब जावेद जैसे तेज गेंदबाज थे जबकि मुश्ताक अहमद और अब्दुल कादिर जैसे स्पिनर भी थे।
अपने पहले दौरे के बारे में तेंदुलकर ने बताया कि कैसे आक्रामक वसीम ने उनका टेस्ट क्रिकेट में इस्तकबाल किया था। उन्होंने कहा, मैं ओवर की तीसरी गेंद पर उनके सामने स्ट्राइक पर था और वह गेंद उन्होंने बाउंसर फेंकी। वसीम की गेंदबाजी को समाने के कारण मुझे पता था कि अगली गेंद यार्कर होगी और मैं मानसिक रूप से उसके लिए तैयार था।