नई दिल्ली। दिल्ली में नर्सरी एडमीशन मामले पर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। यह आदेश डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर दिल्ली सरकार की रोक लगाने की मांग पर सुरक्षित रखा है। इस मुद्दे पर बुधवार को अदालत आदेश जारी करेगी। दिल्ली सरकार ने इस मामले में सिंगल बेंच के आदेश के खिलाफ डबल बेंच के समक्ष अपील की है। साथ ही आवेदन किया कि सिंगल बेंच आदेश पर तत्काल रोक लगा दी जाए। हाईकोर्ट ने सोमवार को इस मामले पर रोक लगाने से इनकार करते हुए विस्तृत सुनवाई करने को कहा था और आज दोनों पक्षों की दलीलों पर गौर करने के बाद सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगाने की गुजारिश पर आदेश सुरक्षित कर लिया।
याद रहे कि 27 नवंबर को सिंगल बेंच ने प्राइवेट गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को बड़ी राहत प्रदान की थी और लेफ्टिनेंट गर्वनर नजीब जंग की ओर से इस मामले में जारी की गई अधिसूचना को रद्द कर दिया। अधिसचूना में प्वाइंट सिस्टम को लागू किया गया था। जबकि हाईकोर्ट ने फैसले में गांगुली समिति की सिफारिशों को लागू करते हुए निजी स्कूलों को नेबरहुड तय करने का अधिकार प्रदान कर दिया है।
अधिसूचना में यह था प्वाइंट सिस्टम
लेफ्टिनेंट गर्वनर की ओर से पिछले साल दिल्ली में नर्सरी एडमीशन के लिए निजी स्कूलों पर प्वाइंट सिस्टम लागू किया। इस सिस्टम में नेबरहुड और सिबलिंग समेत अन्य कैटेगरी के तहत अलग-अलग अंकों का प्रावधान किया गया था। इस सिस्टम में नेबरहुड के लिए 70 प्वाइंट, सिबलिंग के लिए 20, एल्यूमनी के लिए पांच और दूसरे राज्य से स्थानांतरण पर पांच अंक का प्रावधान किया था।
फैसले से निजी स्कूल प्रबंधन को मिली पूरी छूट
हाईकोर्ट के इस फैसले से निजी स्कूलों के प्रबंधकों को पूरी छूट मिल गई है। न्यायाधीश मनमोहन की बेंच ने लेफ्टिनेंट गर्वनर की ओर से जारी की गई अधिसूचना को निरस्त कर दिया और स्कूलों को यह अनुमति प्रदान कर दी कि वह अपने मुताबिक स्कूल और घर की दूरी यानी नेबरहुड को तय करें। हाईकोर्ट ने गांगुली समिति की सिफारिशों को फिर से लागू करते हुए कहा है कि निजी स्कूलों 2007 में जारी की गई समिति की सिफारिशों के मुताबिक प्रवेश के लिए स्वतंत्र हैं।
सरकार को नहीं सीधे तौर पर दखल का अधिकार
नर्सरी में एडमीशन की प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा है कि वो चूंकि शिक्षा का अधिकार नर्सरी क्लास पर लागू नहीं होता। इसलिए सरकार इस मामले में दखल नहीं दे सकती है। याद रहे कि गैर सहायता प्राप्त एवं निजी स्कूलों में नर्सरी की कक्षा में प्रवेश को लेकर लेफ्टिनेंट गर्वनर ने एक अधिसूचना जारी कर प्वाइंट सिस्टम लागू किया था।
गागुंली समिति के तहत देना होगा स्कूलों को प्रवेश
हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि दिल्ली सराकर की ओर से कोई भी शर्त 75 फीसदी सीटों पर नहीं लागू की जा सकती। इस स्थिति में गांगुली समिति की ओर से जारी की गई सिफारिशों के आधार पर ही स्कूलों को प्रवेश देना है, जिसमें उन्हें छूट प्रदान की गई है। अभिभावकों को प्वाइंट सिस्टम के जरिए सीमित नहीं किया जा सकता।