पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
(फाइल फोटो : नितिन गडकरी )
नई दिल्ली। कैब रेपकांड मामले में मंगलवार को केंद्र सरकार की मुश्किलें उस समय बढ़ गई। जब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कैब कंपनी को प्रतिबंधित किए जाने के फैसले को गलत करार दे दिया। उन्होंने कहा कि हादसा होगा तो क्या रेल बंद कर दें।
गडकरी ने दो टूक राय देते हुए उबर कंपनी की कैब को प्रतिबंधित किए जाने को गलत बता दिया। उन्होंने कहा कि कैब सर्विस बैन समझ से परे है। कल को बस और ट्रेन में कोई हादसा होगा तो क्या बस और ट्रेन बंद कर देंगे। मेरी समझ से इस ओर सिस्टम को बदलने की जरूरत है। गडकरी ने अपने बयान में कहा कि लाइसेंस जारी करने के सिस्टम में खामी है। उसे दुरुस्त किए जाने की जरूरत है। एक नई डिजिटल तकनीक लाई जाएगी, ताकि सभी ड्राइवरों का ट्रैक रिकार्ड देखा और रखा जा सके। याद रहे कि आज सुबह राष्ट्रीय सुरक्षा एजंसी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर दिल्ली पुलिस के साथ बैठक भी की।
केंद्रीय मंत्री के इस बयान के खिलाफ सियासत के गलियारों की सरगर्मी बढ़ गई है। सोमवार से ही कैब रेपकांड में संसद से सड़क तक मचे बवाल को गडकरी के बयान ने और हवा दे दी है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने साध्वी निरंजन ज्योति के बयान के बाद मंत्रियों को राष्ट्र को संबोधित नहीं करने और संभल कर बोलने को ताकिद किया था। लेकिन शायद गडकरी को प्रधानमंत्री की ओर से दी गई हिदायत भी याद नहीं रही और उन्होंने कैब रेपकांड मामले में मुश्किलों में घिरी सरकार को और परेशानी में डाल दिया।