(फाइल फोटो : प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल)
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को एक महिला से 270 रुपए की कथित लूट के आरोप में चार महीने की जेल की सजा सुनाई। हालांकि पीड़ित महिला आरोपी और अपराध में इस्तेमाल हथियार को पहचानने में विफल रही लेकिन उसने अपनी रकम की पहचान कर ली।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार गोयल ने दिल्ली निवासी जगदीश को भारतीय दंड संहिता की धारा 411 (बेईमानी से चोरी की संपत्ति हासिल करना), के तहत जेल की सजा सुनाते हुए कहा कि महिला के 400 रुपए में से कथित रूप से लूटे गए 270 रुपए आरोपी के पास से बरामद होना साबित हुआ।
अदालत ने हालांकि उसे लूट के आरोप से बरी करते हुए कहा कि सिगरेट की दुकान चलाने वाली शिकायतकर्ता फूल देवी ने आरोपी और उसे डराने के लिए इस्तेमाल चाकू की पहचान नहीं कर पाई है। न्यायाधीश ने उसे जेल भेजने का आदेश देते हुए कहा, ‘निसंदेह लूट की रकम के हिस्से की बरामदगी से यह साबित हुआ है कि वह दोषी है और सजा का हकदार है। अभियोजन ने आईपीसी की धारा 411 (बेईमानी से चोरी की संपत्ति हासिल करना) के तहत अपराध को साबित कि या है।’
न्यायाधीश ने मामले में नरमी बरतते हुए कहा, ‘दोषी की ओर से पेश तथ्यों, आचरण और उसके अतीत पर मैंने विचार किया है। इसे देखते हुए उसे चार महीने की जेल की सजा दी जाती है।’