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7 वर्ष पहले
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नई दि‍ल्ली। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने दूरसंचार विभाग से विभिन्न कंपनियों द्बारा 4जी सेवा शुरू करने की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है। 4जी स्पेक्ट्रम का आवंटन साढ़े चार साल पहले किया गया था। कैग ने दूरसंचार विभाग से पूछा है कि स्पेक्ट्रम पाने वाली इकाइयां ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस बीडब्ल्यूए सेवाएं शुरू करने के लिए कहां तक पहुंची हैं।
बोली में सफल कंपनियों को 4जी सेवा शुरू करने के लिए पांच साल का समय दिया गया है। उन्हें ये सेवाएं जुलाई, 2015 तक शुरू करनी हैं। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, कैग ने पिछले सप्ताह दूरसंचार विभाग को पत्र लिखकर पूछा है कि सफल बोलीदाता कंपनियों एयरसेल, भारती एयरटेल, क्वालकॉम भारती ने अधिग्रहण किया, तिकोना, इन्फोटेल अब रिलायंस जियो इन्फोकॉम तथा ऑगेरे द्बारा 4जी सेवाओं को शुरू करने को लेकर क्या स्थिति है।
नीलामी की शर्तों के अनुसार सभी को महानगरों में पांच साल में 90 फीसद क्षेत्र तथा ग्रामीण इलाकों में 50 प्रतिशत क्षेत्र में सेवा उपलब्ध करानी होगी। यदि कंपनी इन शर्तों का अनुपालन करने में विफल रहती है, तो उसका स्पेक्ट्रम वापस ले लिया जाएगा।
इन छह कंपनियों ने 2010 में 4जी सेवाओं में इस्तेमाल होने वाला बीडब्ल्यूए स्पेक्ट्रम हासिल किया था। सरकार ने इनकी नीलामी से 35,000 करोड़ रुपए जुटाए थे।