(फाइल फोटो : प्रतीक के तौर पर इस्तेमाल)
नई दिल्ली। पेट्रोलियम पदार्थों के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार जल्द बच्चों की किताबों में एक पाठ शामिल करेगी। ताकि बचपन से ही तेल और गैस बचाने के अभियान में बच्चों को शामिल किया जा सके। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जनवरी में होने वाली तेल बचाव के 15 दिनों के पखवाड़े की योजना पर बैठक के बाद यह जानकारी दी। प्रधान ने कहा कि मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय से बच्चों की किताब में पेट्रोलियम पदार्थों के संरक्षण के लिए एक चैप्टर शामिल किए जाने की गुजारिश मंत्रालय की ओर से की जा रही है। इससे बच्चे भविष्य में तेल बचाव अभियान में स्वतः शामिल हो जाएंगे।
पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने कहा कि 16 जनवरी से 31 जनवरी तक शुरु होने वाले पखवाड़े के संबंध में तीन प्रमुख योजनाओं पर फैसला लिया गया है। मंत्रालय की ओर से तेल बचाव की जागरुकता के लिए काम करने वालों के लिए राष्ट्रीय स्तर के अवार्ड, जो इस संबंध में आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिता के विजेता को दिया जाएगा। यह प्रतियोगिता अंग्रेजी, हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं में आयोजित की जाएगी। साथ ही मंत्रालय ने इस मुहिम में ड्राइवरों को जोड़ने का फैसला लिया है, खासकर सार्वजनिक वाहन चलाने वाले ड्राइवर को इसमें शामिल किया जाएगा। उनकी जागरुकता के आधार पर उन्हें सम्मानित किया जाएगा और उन्हें इसके लिए औरों को प्रेरित करने को कहा जाएगा। प्रधान ने कहा कि एलपीजी गैस के संबंध में मंत्रालय की योजना घरेलू महिलाओं और घरों में काम करने वाली महिलाओं को जोड़ने की है। इसके लिए मंत्रालय की ओर से जागरुकता कार्यक्रम बनाएं जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मंत्रालय की ओर से एचआरडी मंत्रालय से बच्चों की किताबों में पेट्रोलियम पदार्थों को बचाने के लिए एक पाठ जोड़ने की गुजारिश की जा रही है। ताकि बच्चों को इस अभियान में शामिल किया जा सके। उन्होंने बच्चों को शामिल किए जाने से उनके माता-पिता और परिजन स्वयं इसमें शामिल हो जाएंगे। इससे पहले पेट्रोलियम मंत्री प्रधान ने तेल कंपनियों, पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ और मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पंद्रह दिवसीय तेल बचाओ जागरुकता पखवाड़े के बेहतर आयोजन पर चर्चा की और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फैसले लिया। इस बैठक में पखवाड़े के आयोजन को लेकर कई तरह की योजनाएं भी बनाई गईं।