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7 वर्ष पहले
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(फोटो : महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित करते कैलाश सत्यार्थी)
नई दिल्ली। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी रविवार को भारत लौट आए। सत्यार्थी सबसे पहले अपनी पत्नी सुमेधा के साथ राजघाट स्थित महात्मा गांधी की समाधि पर गए और उन्होंने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। महात्मा गांधी के प्रबल अनुयायी साठ वर्षीय सत्यार्थी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि पूरे विश्व में आज भी करोड़ों बच्चे शोषण एवं हिंसा से पीडित हैं। इतनी सारी उपलब्धियों व तकनीकी विकास के बावजूद यह हमारा दुर्भाग्य है कि बच्चे अपना बचपन और अपना भविष्य खोने को मजबूर हैं।
बच्चों के प्रति जज्बे को वैश्विक आंदोलन के रूप में परिवर्तित करने की अपील करते हुए नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने रविवार को कहा कि वह चाहते हैं कि बाल श्रम इतिहास के पन्नों में सिमट जाए। बाल श्रम के खिलाफ लंबित कानून को पारित किये जाने की भी वकालत की और कहा कि अगर कानून पारित नहीं होता तो इतिहास सांसदों को माफ नहीं करेगा।
आगे देखें भारत लौटे कैलाश सत्यार्थी की कुछ और तस्वीरें
फोटो : भूपिंदर सिंह।