(दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन का फाइल फोटो)
नई दिल्ली। ठीक दो साल पहले आज ही के दिन इंसानियत को शर्मसार करती और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती ‘निर्भया गैंगरेप’ की वारदात घटित हुई थी। चलती बस में छह दरिंगों ने निर्भया के साथ ऐसी दरिंदगी की, जिसे सुन और सोचकर दिलो-दिमाग सन्न रह जाए। इस घटना के बाद पीड़िता को इंसाफ और महिला सुरक्षा को और पुख्ता बनाने के सरकार ने दावें किए, लेकिन वारदात के दो साल गुजरने के बाद भी हालातों में कोई बड़ा सुधार नहीं आया हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध बेखौफ जारी हैं। आइये आपको बताते हैं हाल की वे घटनाएं जो महिला सुरक्षा के पुख्ता होने के सरकारी दावों को झूठलाती हैं।
घर में बैठी महिला और उसकी नौ वर्षीय बेटी पर फेंका तेजाब
पहली घटना: मामला गुड़गांव के पालम विहार में सोमवार दोपहर का है। यहां एक अज्ञात शख्स ने एक विवाहिता व उसकी नौ साल की बेटी के ऊपर तेजाब फेंक दिया। हमले में महिला व उसकी बेटी बुरी तरह से झुलस गई। तेजाब डालने वाले की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। घटना की शिकार 28 वर्षीय सुमन मूल रूप से बलिया की रहने वाली है। वह अपने पति और दो बच्चों के साथ धर्म कॉलोनी में किराये पर रहती है। सोमवार दोपहर के वक्त सुमन अपनी 9 वर्षीय बेटी के साथ घर के अंदर बैठी थी। इसी दौरान बाइक सवार युवक पता पूछने के बहाने गेट तक आया। वह पता पूछकर चला गया।
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद वह फिर से आया है और उसने महिला व उसकी बेटी को अकेला देखकर उनके ऊपर तेजाब फेंक दिया। तेजाब महिला के शरीर के अलावा बच्ची के हाथों पर गिरा। दर्द से तड़पने के बाद महिला ने शोर मचाया जिसके बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पालम विहार थाना पुलिस की टीम ने घायलों को निजी अस्पताल में दाखिल कराया। महिला की हालत नाजुक बनी हुई है उसे अभी तक होश नहीं आया है।
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