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7 वर्ष पहले
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(फोटो : मंदिर पर डीडीए की कार्रवाई का विरोध करते लोग)
नई दिल्ली। दिल्ली के पड़पड़गंज इलाके में आज सुबह कोर्ट के आदेश पर सरकारी जमीन पर बने मंदिर को तोड़ने पहुंचे डीडीए के अधिकारियों को लोगों का भारी विरोध झेलना पड़ा। बड़ी संख्या में मंदिर तोड़ने के विरोध में जमा हुए लोगों का दावा है कि जिस जमीन पर मंदिर बना है सरकारी नहीं है। जबकि डीडीए इस मामले में अदालत के आदेश के आधार पर भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ के साथ पहुंचा और मंदिर को तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी।
डीडीए के अधिकारियों के मुताबिक आईटी एक्सटेंशन में कृपाल सोसाइटी के पीछे बना मंदिर अवैध है। वह सरकारी जमीन पर बना है, जिसे हटाने के लिए 8 दिसंबर को अदालत ने आदेश जारी किया था। उसी आदेश के तहत कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वह दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए सुरक्षा बल उपलब्ध कराए। इस मामले में डीडीए ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। डीडीए ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को बढ़ावा दे रही है। डीडीए की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया था। इसके अलावा अवैध कब्जा हटाने के लिए दिल्ली पुलिस सुरक्षा बल भी उपलब्ध नहीं करा रही है।
मंदिर को हटाने के लिए डीडीए अधिकारी आज सुबह भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ के साथ मौके पर पहुंचें। जहां क्षेत्रीय लोगों ने मंदिर को तोड़ने का कड़ा विरोध किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया गया। हाईकोर्ट से डीडीए ने याचिका में कहा था कि आइपी एक्सटेंशन में कृपाल कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के पास 2500 वर्ग मीटर की जमीन है। इस जमीन पर नागरिक सुविधाओं के लिए विकास योजनाएं प्रस्तावित हैं। लेकिन आसपास के लोगों ने रात में अवैध निर्माण करके उस पर कब्जा कर लिया। 23 अक्टूबर 2014 की रात उस जमीन पर निर्माण किया गया। इस बाबत पुलिस से कई बार लिखित शिकायत की गई है तथा मामला दर्ज कर कार्रवाई की सिफारिश की गई। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। डीडीए ने हाईकोर्ट से मदद की गुहार लगाई थी।
आगे देखें घटना स्थल की कुछ और तस्वीरें।
सभी फोटो : भूपिंदर सिंह।