नई दिल्ली. अरविंद
केजरीवाल ने शनिवार को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद करीब 30 मिनट लंबा भाषण दिया। उन्होंने भाषण की शुरुआत में 67 सीटें जिताने के लिए भगवान और जनता का शुक्रिया अदा किया, जबकि अंत में पिछली बार की ही तरह गाना गाया।
आज से पूरे एक साल पहले 14 फरवरी 2014 को हमने इस्तीफा दिया था। आज ठीक एक साल के बाद दिल्ली में आम आदमी की सरकार बनी है। फर्क बस इतना है कि पिछली बार आठ सीटों की कमी रह गई थी। इस बार ऊपर वाले और जनता ने वह कमी पूरी कर दी।
दोस्तो, मुझे यह तो पता था कि दिल्ली के लोग हमें प्यार करते हैं, लेकिन मुझे यह नहीं पता था कि वो हमसे इतना प्यार करते हैं कि 70 में से 67 सीटें दे दीं। जिस दिन नतीजे आ रहे थे, ऐसा लग रहा था सीटों की बारिश हो रही है। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैनियों, हर धर्म और हर जाति के लोगों ने हमें वोट दिया। गरीबों ने जमकर वोट दिया। अमीरों ने भी हमें वोट दिया। यह कुदरत का एक करिश्मा है। ऊपर वाला कुछ कहने की कोशिश कर रहा है। ऊपर वाले की कोई बहुत बड़ी मंशा है। हम तो केवल माध्यम हैं, लेकिन हम बहुत सौभाग्यशाली हैं कि ऊपर वाले ने हमें अपना माध्यम चुना है।
जब इतनी बड़ी जीत मिलती है, तो इंसान के मन में अहंकार जागता है और उसके बाद कुछ नहीं बचता। इसलिए हम सब लोगों को, हम सबके परिवारों, सब कार्यकर्ताओं को बहुत चौकन्ना रहना होगा। अपने आप को बार-बार टटोलना होगा कि कहीं हमारे अंदर अहंकार नहीं जाग जाए। हमारे कुछ लोग कह रहे हैं कि अब हम यहां चुनाव लड़ेंगे, वहां चुनाव लड़ेंगे, अलग-अलग राज्यों के चुनाव लडेंगे, मुझे इसमें भी थोड़ा-थोड़ा अहंकार नजर आ रहा है। कांग्रेस को लोगों ने क्यों हराया, क्योंकि उनमें अहंकार आ गया था। बीजेपी को मई में जनता ने भारी बहुमत दिया था, लेकिन जनता ने उसे इस बार नकार दिया, क्योंकि बीजेपी में अहंकार आ गया था।
पिछले साल हम लोगों को 28 सीटें मिलीं, लेकिन कहीं न कहीं हममें अहंकार आ गया और हमने देशभर में चुनाव लड़ा जिसकी भगवान ने हमें सजा दी। मैं पांच साल तक दिल्ली में रहकर केवल और केवल अपनी जिम्मेदारी का पालन करूंगा।
मेरे पास कुछ लोग आए। कुछ डॉक्टर आए। उन्होंने मुझसे कहा कि कभी-कभी टोपी पहनकर कुछ लोग आते हैं और अस्पताल में गुंडागर्दी करते हैं। मुझे पूरा यकीन है कि हमारे कार्यकर्ता ऐसा नहीं कर सकते, लेकिन फिर भी हो सकता है कुछ विपक्षी लोग हमें बदनाम करने की कोशिश करें, या हमारा कोई कार्यकर्ता अहंकार में कुछ गलत काम करे तो मैं आज यहां से सभी पुलिस अधिकारियों को यह निर्देश देता हूं कि अगर कोई टोपी पहन कर गुंडागर्दी करता है तो उसे पकड़ लेना और जितनी सजा इसके लिए लिखी है, उससे दोगुनी सजा उसे देना।
अन्ना आंदोलन के दौरान हम लोग खूब नारे लगाते थे, लेकिन मन में संशय होता था कि क्या भ्रष्टाचार खत्म हो पाएगा, लोकपाल की मांग भी हम करते थे, लेकिन तब भी सोचते थे कि क्या इससे भ्रष्टाचार खत्म हो पाएगा। 49 दिनों की सरकार में हमने भ्रष्टाचार खत्म करके दिखाया। 49 दिन की सरकार चलाने के बाद आज हमारे अंदर कॉन्फिडेंस है कि दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त बना सकते हैं। हम दिल्ली को देश का पहला भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाएंगे।
मैं आज वही घोषणा करता हूं जो मैंने 28 दिसंबर, 2013 को यहीं से की थी कि अब अगर दिल्ली में आप से कोई रिश्वत मांगे तो मना मत करना, सेटिंग कर लेना, अपने
मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लेना और मुझे लाकर दे देना। हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हम जल्दी ही वह टेलीफोन लाइन फिर से शुरू करने वाले हैं, जिससे भ्रष्टाचारी घबराने लगे थे।
इसके लिए जनलोकपाल बिल भी पास करना बहुत जरूरी है, जिसे हम जल्द से जल्द पास करेंगे, लेकिन मैं मीडिया के साथियों से हाथ जोड़कर विनती करना चाहता हूं, जो पूछते हैं कितने घंटों में हम यह बिल पास करेंगे। मैं कहना चाहता हूं कि सरकार ऐसे नहीं चलती। हम जल्द से जल्द से बिल पास करेंगे, लेकिन एक-एक काम ठोस करेंगे। हमारी पूरी टीम 24 घंटे काम करेगी। अभी तो मैंने सीएम पद की शपथ भी नहीं ली थी, नतीजे आने के साथ ही हम काम पर लग गए। मुझे बुखार है आज भी, क्रोसिन खाकर आया हूं। मीडिया से अनुरोध है कि घंटों में सरकार मत चलवाइए, दिल्ली की जनता ने पांच साल दिए हैं।
पिछले कुछ महीनों में दिल्ली में कुछ घटनाएं घटीं, जिनसे दिल्ली वाले खासे नाराज हैं। दंगे कराने की कोशिश की गई। कुछ चर्च हैं जिनके ऊपर हमले किए गए। दिल्ली में 35 सालों से ऐसी घटनाएं नहीं देखी गईं। दिल्ली के लोग शांतिप्रिय हैं। हम सब मिलकर दिवाली, ईद, क्रिसमस मनाते हैं और भाईचारे के साथ रहना चाहते हैं। उन सारी ताकतों से मैं कहना चाहता हूं कि जो इस तरह की राजनीति करती हैं, वो यह राजनीति बंद करें। मुझे पूरा भरोसा है कि हम पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली को ऐसा शहर बनाएंगे जहां हर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, हर धर्म और हर जाति का आदमी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके।
प्रधानमंत्री जी से भी मैंने यह कहा कि हम केंद्र के साथ सकारात्मक सहयोग चाहते हैं। हम यही चाहते हैं कि केंद्र दिल्ली सरकार के साथ मिलकर दिल्ली को बेहतर शहर बनाने की कोशिश करे।
बीजेपी पिछले 15 साल से दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए लड़ती रही। लोकसभा चुनाव से पहले भी बीजेपी ने वादा किया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। मैंने पीएम से कहा कि केंद्र और दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली सरकारें हैं। मैं तो तैयार हूं प्रधानमंत्री जी, और उम्मीद करता हूं कि पीएम इसके ऊपर सकारात्मक रूप से सोचेंगे। मैंने उनसे यह भी कहा कि पीएम के तौर पर वह बहुत बिजी रहते हैं। दिल्ली के अंदर जब आपराधिक घटनाएं होती हैं, तो पीएम के पास इतना समय नहीं होता कि वह इस पर ध्यान दें। मैंने कहा कि आप दिल्ली छोड़ दें और देश को चलाएं।
भाजपा के तीन विधायकों को भी हम अपना विधायक मानते हैं। हमारे लिए पूरी दिल्ली हमारा बूथ है। दिल्ली के व्यापारियों ने इस चुनाव में बहुत सहयोग दिया। अब एक गुजारिश करना चाहता हूं कि सरकार को पैसा चाहिए। मैं व्यापारियों से वादा करता हूं कि आपको कोई अधिकारी तंग नहीं करेगा। आप लोग पूरा टैक्स भरना। हो सकता है कि अब तक आपके टैक्स से पैसा चोरी हो जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। आपके दिए टैक्स को शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, पार्किंंग जैसी व्यवस्थाओं पर खर्च किया जाएगा। जबसे हमें बहुमत मिला है, जगह-जगह से हमें फोन आ रहे हैं। किसी ने कहा कि आपने 50 कॉलेज के लिए बोला है, तीन मैं बना के दूंगा। दोस्तो, मैंने तो एक ही चीज सीखी है कि इस देश की जनता बहुत अच्छी है, जनता को गले लगा लो, वो अपने आप विकास करेगी।
हम लोग वीआईपी कल्चर खत्म करना चाहते हैं। क्या आप पसंद करते हैं कि जब सड़क पर से कोई मंत्री जा रहा हो तो सड़क एक घंटे के लिए बंद हो जाए। मुझे पता चला है कि यूरोप के विकसित देशों में पीएम बस स्टैंड पर खड़े मिल जाते हैं। उसी की शुरुआत हमने 49 दिन में की थी।
हमने कहा था कि अब लाल बत्ती नहीं लगेगी, लेकिन मेरा मीडिया से अनुरोध है कि फिर से मेरा मजाक मत उड़ाओ। हम कहते हैं कि लाल बत्ती नहीं लेंगे। मीडिया कहता है कि गाड़ी ले ली, लेकिन क्या गाड़ी के बिना मंत्री का काम चल सकता है।
तीन दिन बाद शुरू होगा कि केजरीवाल बड़े बंगले में चला गया। दोस्तो, मैंने तो एक ही बात सीखी है कि इंसान कहीं भी पहुंच जाए, उसको अपनी औकात नहीं भूलनी चाहिए। मेरे घर में चार-पांच कमरे हैं। मुझे इससे ज्यादा कमरे नहीं चाहिए, लेकिन एक दफ्तर की तो जरूरत पड़ेगी। आप लोग मुझसे बात करने आओगे तो जगह की तो जरूरत पड़ेगी, बस इतना बड़ा मकान लूंगा, चिंता मत करो।
किरण जी की मैं बहुत इज्जत करता हूं। उनका बहुत लंबा अनुभव है।
किरण बेदी जी को साथ लेकर उनकी गाइडेंस लेंगे। माकन का लंबा अनुभव है। उनसे भी समय-समय पर सलाह लेंगे। हमें पार्टीबाजी नहीं करनी, चाहे जहां अच्छे लोग हों, उसे साथ लेकर दिल्ली को ऐसा शहर बनाना है जिस पर सब गर्व कर सकें।
आज सिर्फ मैं ही सीएम नहीं बना हूं, आप सब दिल्ली के मुख्यमंत्री बने हैं। एक-एक नागरिक दिल्ली का मुख्यमंत्री बना है, हम पांच साल के अंदर दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाकर दिखाएंगे। मैं हाथ जोड़कर भगवान से प्रार्थना करता हूं कि हमें साहस देना और लालच, अहंकार पैदा न होने देना। हम देश के लिए जिस तरह से आज अपना सब कुछ दांव पर लगा कर बैठे हैं, इस भाव को बरकरार रखना।
दो शब्द आप के कार्यकर्ताओं के लिए। 'आप' के कार्यकर्ता हीरा-सोना हैं। कई बार आंखों में आंसू आ जाते हैं उनकी कहानी सुनकर। मुझे, मंत्रियों और विधायकों को तो शोहरत मिल गई। कार्यकर्ताओं को क्या मिला, उन्होंने बहुत मेहनत की है, लेकिन उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि उन्होंने आम आदमी, दिल्ली के लिए मेहनत की है। मैं चाहता हूं उनके लिए जोरदार तालियां बजाएं।
मैं उम्मीद करता हूं कि हमारी भारतीय टीम इस बार जरूर वर्ल्ड कप लेकर लौटेगी, मैं उन्हें सफलता की शुभकामनाएं देता हूं।
अंत में मैं एक प्रार्थना गाकर सुनाना चाहता हूं, हालांकि मेरा गला खराब है और मैं गाता खराब हूं...
इनसान का इनसान से हो भाईचारा यही पैगाम हमारा
इनसान का इनसान से हो भाईचारा यही पैगाम हमारा
हर एक महल से कहो कि झोपड़ियों में दीए जलाए
हर एक महल से कहो कि झोपड़ियों में दीए जलाए
छोटों और बड़ों में अब कोई फर्क नहीं रह जाए
छोटों और बड़ों में अब कोई फर्क नहीं रह जाए
इस धरती पर हो प्यार का घर-घर उजियारा यही पैगाम हमारा
इनसान का इनसान से हो भाईचारा यही पैगाम हमारा
भारत माता की जय
इन्कलाब जिंदाबाद
वंदे मातरम
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