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6 वर्ष पहले
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नई दिल्ली। दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीतने वाली आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। केजरीवाल ने शपथ समारोह के अंत में रामलीला मैदान के मंच से दिए भाषण में कहा, 'हमें अहंकार से बचना होगा। लोकसभा चुनाव लड़ना हमारा अहंकार था। आने वाले पांच साल मैं दिल्ली की सेवा करूंगा।' इससे पहले मनीष सिसोदिया, असीम अहमद खान, संदीप कुमार, सत्‍येन्‍द्र जैन, गोपाल राय और जीतेंद्र तोमर ने बतौर मंत्री शपथ ली। बताया जाता है कि केजरीवाल ने केवल तीन नेताओं के साथ विचार कर मंत्रियों की लिस्‍ट फाइनल की है। ये नेता हैं- योगेंद्र यादव, आशुतोष और मनीष सिसोदिया। इन चार नेताओं ने तीन बातों के आधार पर छह नाम तय किए। तीन को कास्‍ट तो तीन को परफॉर्मेंस और केजरीवाल का करीबी होने के चलते बनाया गया मंत्री।
कैबिनेट की खास बातें
देश की सबसे युवा कैबिनेट है। केजरीवाल की टीम की एवरेज उम्र 40 साल से भी कम है।
इस बार केजरीवाल ने किसी महिला को मंत्री नहीं बनाया।
चार नए चेहरे (गोपाल, संदीप, असीम, जितेंद्र), चार पुराने मंत्रियों को मौका नहीं
सिसोदिया दिल्‍ली के पहले डिप्‍टी सीएम
केजरीवाल दिल्‍ली के सातवें मुख्‍यमंत्री बने हैं। उन्होंने अपने पास कोई विभाग नहीं रखा है। वह सभी मंत्रियों के बीच कोऑर्डिनेशन करेंगे। सिसोदिया को दिल्‍ली का पहला डिप्‍टी सीएम बनाते हुए उन्‍होंने कैबिनेट के बीच विभागों का बंटवारा इस तरह किया है-
मनीष सिसोदिया: डिप्टी सीएम, वित्त, शिक्षा, आईटी, शहरी विकास, विजिलेंस
गोपाल राय: परिवहन, श्रम और विकास, जीएडी व रोजगार मंत्रालय
सत्येंद्र जैन: स्वास्थ्य, उद्योग, सामान्‍य प्रशासन, पीडब्ल्यूडी और आईएफसी मंत्रालय
असीम अहमद खान : खाद्य आपूर्ति और वन मंत्रालय
संदीप कुमार: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, एससी-एसटी मंत्रालय
जितेंद्र तोमर: कानून, पर्यटन और आर्ट एंड कल्चर, होम मिनस्‍ट्री
ये क्‍यों बनाए गए मंत्री: तीन को कास्‍ट तो तीन को परफॉर्मेंस और करीबी के चलते
मनीष सिसौदिया- शुरू से केजरीवाल के साथी रहे हैं, पिछली सरकार में शिक्षा मंत्री के तौर पर काम से भी पार्टी खुश थी। पार्टी के अहम नेताओं में से एक हैं।
गोपाल राय- अच्छे वक्ता हैं। बिहार, यूपी-उत्तराखंड के लोगों के बीच अच्छी पकड़ रखते हैं, दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रवासी इन्‍हीं राज्‍यों के हैं। इन राज्‍यों की बोली और संस्कृति अच्‍छी तरह जानने-समझने वाले राय प्रवासियों का वोट बैंक बनाए रखने के लिहाज से पार्टी के लिए काफी अहम हैं। इसके अलावा, राय केजरीवाल के काफी करीब और भरोसेमंद हैं, केजरीवाल के खिलाफ रालेगण में अन्‍ना के अनशन में वीके सिंह ने बोलना शुरू किया था तो राय ने तुरंत टोका था, जिसके बाद अन्‍ना ने उन्‍हें डांट कर चले जाने तक के लिए कह दिया था।
असीम अहमद खान - युवा अल्‍पसंख्‍यक चेहरा। बेदाग छवि। मटिया महल से कई बार से चुनाव जीतते आ रहे शोएब इकबाल को हराया है। सभी मुस्लिम बहुल विधानसभा क्षेत्रों में मुसलमानों को 'आप' के पक्ष में करने के लिए जीतोड़ मेहनत की।
संदीप कुमार - दलित चेहरा। करीब एक दर्जन जीते एससी विधायकों में से सबसे युवा और सक्रिय हैं।
जितेंद्र सिंह तोमर - जाट व गुर्जरों को जोड़े रखने के मकसद से, पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के वोट बैंक पर नजर।
सतेंद्र जैन- काबलियत और ढांचागत विकास कार्यों के लिए चुनाव के दौरान बनाए गए प्लान में दिखायी गई दूरदर्शिता। आर्किटेक्ट जैन ने पिछली सरकार की योजनाओं में खामियों को भी केजरी और उनके करीबियों के समक्ष दर्शाया था।
पिछली सरकार के चार मंत्रियों का क्‍यों काटा पत्‍ता
राखी बिड़लान -
पिछली बार के कामकाज से संतुष्‍ट नहीं थे केजरीवाल। राखी ने पार्टी के स्‍टैंड से अलग जाते हुए लाल बत्‍ती गाड़ी लेने की वकालत कर विवाद खड़ा किया था। पार्टी की नजर में वह मंत्री पद पाने के लिए मैच्‍योर नहीं हैं। पुलिस से भी कई बार विवाद हुआ था।
गिरीश सोनी - पिछली बार इनके खिलाफ पार्टी को शिकायत मिली थी
सोमनाथ भारती- बतौर कानून मंत्री सेक्‍स रैकेट के खिलाफ रेड डालने को लेकर पुलिस अफसर से बहस के बाद बढ़े विवाद के चलते इस बार उन्‍हें मंत्री नहीं बनाया गया। उनके खिलाफ महिला के उत्‍पीड़न का केस भी दर्ज है।
सौरभ भारद्वाज - पार्टी की नजर में परफॉर्मर तो हैं, पर हार्ड डिसीजन लेने में चूक जाते हैं। वह कुछ पारिवारिक विवाद में भी उलझे हैं, इसलिए भी मंत्री नहीं बन सके।
महिला मंत्री क्‍यों नहीं
अल्‍का लांबा (चांदनी चौक)- पहली बार विधायक, कांग्रेस से आई हुईं
प्रमिला टोकस (आरकेपुरम)- पहली बार विधायक, पार्टी में नई
भावना गौर (पालम) - पहली बार विधायक, पार्टी नेतृत्‍व को भरोसा नहीं
बंदना कुमारी (शालीमार बाग)- डिप्‍टी स्‍पीकर बनेंगी
राखी बिड़लान (मंगोलपुरी)- विवादित, नई, पार्टी की नजर में अच्‍छी परफॉर्मर नहीं
सरिता सिंह (रोहतास नगर)- पहली बार विधायक
आगे देखिए शपथ समारोह के दौरान हमारे फोटो जर्नलिस्‍ट भूपिंदर सिंह के कैमरे से लिए गए फोटोज...