चंडीगढ़। कपैस्टी बिल्डिंग प्रोग्राम का मकसद एक सोशल साइंटिस्ट को सही तरीके की रिसर्च सिखाना नहीं है बल्कि उसमें ये कपैस्टी पैदा करना होना चाहिए सोसायटी की प्रॉब्लम का सॉल्यूशन देने की दिशा में रिसर्च करें।
ये विचार थे एमजेपी रोहेलखंड यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसर प्रो सत्य पी गौतम के। जेएनयू में फिलॉस्फ डिपार्टमेंट के प्रमुख रहे प्रो गौतम सोमवार को आईसीएसएसआर में शुरू हुए कपैस्टी बिल्डिंग प्रोग्राम में सोशल साइंटिस्ट्स और रिसर्च स्कॉलर्स को संबोधित कर रहे थे। दो सप्ताह के इस प्रोग्राम में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के स्कॉलर्स भाग ले रहे हैं। इसमें उन्हें सोशल साइंसेज की रिसर्च की शुरूआत, डाटा कलेक्शन, एनालिसिस सहित सभी बेसिक जानकारियां दी जाएंगी।