चंडीगढ़। हर एक को शिक्षा का हक देने के मकसद से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने एक अहम कदम उठाया है। इस कदम के तहत यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने उन छोटे बच्चों को पढ़ाना शुरू किया है जिनके माता पिता मजदूरी करते हैं और दाल रोटी की जुगत में वह अपने बच्चों को पढ़ा नहीं पाते। इस काम के लिए यूनिवर्सिटी के 250 स्टूडेंट्स ने मिलकर नवी दिशा नाम से सोसाइटी बनाई है।
68 स्टूडेंट्स को पढ़ाना शुरू किया
यूनिवर्सिटी के 250 स्टूडेंट्स में से 200 इंजीनियरिंग के हैं जबकि 50 स्टूडेंट्स होटल मैनेजमेंट व एमबीए के। लेकिन इन सभी ने मिलकर 68 स्टूडेंट्स को पढ़ाने का बीड़ा उठाया। दिनों के हिसाब से अपनी डयूटी बांट ली है और इन बच्चों को यूनिवर्सिटी के ही एक क्लासरूम में पढ़ाया जा रहा है।
सुबह यह स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी की अपनी पढ़ाई करते हैं और शाम को 4.30 से 7 बजे तक गरीब बच्चों के पढ़ाते हैं। अभी 68 बच्चे ही पढऩे के लिए आने शुरू हुए हैं लेकिन जैसे जैसे यूनिवर्सिटी के आसपास के लोगों को इस बारे में पता लग रहा है वह अपने बच्चों को पढऩे के लिए भेज रहे हैं। यह 68 स्टूडेंट्स 4 से 9 साल के बीच हैं लेकिन इससे पहले वह कभी स्कूल नहीं गए थे। जिन स्टूडेंट्स ने मिलकर यह नवी दिशा नाम से सोसाइटी शुरू की है वह सेकेंड व थर्ड ईयर के एनएसएस के स्टूडेंट्स हैं और इनमें से ज्यादातर हॉस्टलर्स हैं।