चंडीगढ़ । तीन बार के ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे दिग्गज बलबीर सिंह सीनियर के मेडल और एक ब्लेजर खोजने के आदेश साई ने दे दिए। भास्कर से बातचीत में साई के डीडी जेआईजेआई थॉमसन ने कहा कि मैने अधिकारियों को बोल दिया है कि उन्होंने जो मेडल, ब्लेजर और कुछ फोटोग्राफ दी थी उसे सर्च किया जाए। थॉमसन ने कहा कि इतने बड़े महान खिलाड़ी की दुलर्भ चीजें हम जरूर खोज लेंगे। हालांकि मुझे पहले इसके बारे में किसी ने कभी बताया नहीं और न ही उनके परिवार ने मुझसे कभी संपर्क किया। अगर वह पहले बताते तो हम तभी से शुरू कर सकते थे। खैर जैसे ही मुझे इसका पता चला मैने तुरंत अधिकारियों को बोल दिया।
१९८५ में दिल्ली में सौपे थे मेडल- बलबीर सिंह सीनियर ने साई को १९८५ में दिल्ली जाकर म्यूजिम में रखने के लिए १९५६ ओलंपिक का ब्लेजर जिसमें वह कप्तान थे, ३६ इंटरनेशनल और नेशनल मेडल जिसमें १९५१ एशियन गेम्स का मेडल भी शामिल है और इसके अलावा कुछ दुलर्भ फोटोग्राफ भी दिए थे। उसके बाद म्यूजिम नहीं बना और यह सभी चीजें भी वापस बलबीर सिंह को नहीं दी गई। बलबीर सिंह ने बताया कि मेडल काफी मेहनत से कमाए गए हैं, मैने तो इसलिए दिए थे ताकी म्यूजिम में आम लोग और प्लेयर्स देख सके। मुझे उम्मीद है कि साई मेरी चीजों को सर्च कर वापस दे देगी।
लंदन म्यूजिम वाले मांग रहे हैं ब्लेजर- बलबीर सिंह के नाती कबीर ने बताया कि लंदन म्यूजिम वाले वर्ल्ड हॉकी हैरीटेज के लिए नाना जी(बलबीर सिंह) का ब्लेजर मांग रहे है ताकी वहा उसे रखा जा सके। लेकिन हम उन्हें कैसे बताएं कि ब्लेजर खुद उनके पास भी नहीं है। इसलिए वह इस चीज को साई के सामना लाना चाहते हैं ताकी एक अमुल्य धरोधर वापिस मिल सके। २०१२ में भी उन्होंने साई के अधिकारियों से बात की थी लेकिन साई ने कहा कि था ब्लेजर को सर्च किया गया था लेकिन न तो पटियाला और न ही दिल्ली के ध्यानचंद स्टेडियम में हमे नहीं मिल।