चंडीगढ़। विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ ने श्री फतेहगढ़ साहिब के कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा व एसडीएम में हुए विवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस के वर्कर व विधायक अपने दायरे में रहकर खासतौर पर महिला अधिकारियों से मान-सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करते लेकिन असंवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के दबाव को नहीं सहेंगे। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते वे लोगों की समस्या हल करने में सजग नहीं है।
कांग्रेसी विधायक पद की गरिमा को ध्यान में रखते हुए लोगों की आवाज उठाने है जहां अधिकारियों के पद की गरिमा होनी चाहिए वहीं विधायकों का मान-सम्मान होना भी जरूरी है। साथ ही उन्होंने अकाली-भाजपा सरकार द्वारा गैर संवैधानिक लोगों को दिए अधिकारों के कारण सरकारी अधिकारियों द्वारा चुने हुए विधायकों का अपमान करना तथा उन पर मनगढ़ंत आरोप लगाने की कोशिशें को लोकतंत्र के खिलाफ बताया है।
उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए कहेंगे ताकि आगे से किसी विधायक का अपमान न हो तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी हो सके।
जाखड़ ने कहा कि पिछले सात सालों में कांग्रेसी विधायकों द्वारा लोगों को उनके हक दिलाने के लिए कई बार अधिकारियों से मतभेद तो होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि एन्क्रोचमेंट का मसला केवल श्री फतेहगढ़ साहिब में ही नहीं पूरे पंजाब में सरकारी अथवा एनआरआईज की जमीनों पर तथाकथित हल्का इंचार्ज कब्जा कर रहे है। जिसकी जांच होना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पिछले महीने ही विधानसभा के स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल ने भी पंजाब के सभी अफसरों को चुने हुए विधायकों को उनका बनता मान-सम्मान देने वाला आदेश पत्र जारी करने के बाद भी अधिकारी अपने फर्जो को दरकिनार कर अपने फायदे के लिए गैरसंवैधानिक लोगों की इच्छा के अनुसार काम करने में लगे है। सरकारी अधिकारी हमारे विधायकों व वर्करों पर गैरसंवैधानिक लोगों की शह पर नाजायज दबाव बनाएंगे तो उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।