चंडीगढ़। अर्जुन अवॉर्ड की लड़ाई जीत चुके ओलंपियन बॉक्सर मनोज कुमार के लिए बुधवार की सुबह काफी शानदार रही। एनआईएस पटियाला में एशियन गेम्स में जाने की तैयारी कर रहे मनोज को फोन पर अवॉर्ड के लिए सलेक्ट होने पर बधाई के संदेश मिलने शुरू हो गए थे। मनोज खुश तो थे लेकिन अंदर से एक उदासी भी थी। भास्कर से बातचीत में मनोज ने कहा कि अर्जुन अवॉर्ड सभी को राष्ट्रपित से मिलता है लेकिन उन्हें यह खेल मंत्री के हाथों मिलेगा।
मनोज ने बड़ी मासूमियत से पूछा कि क्या उन्हें राष्ट्रपति अवॉर्ड नहीं देंगे। उल्लेखनीय है कि मनोज का नाम भी अर्जुन अवॉर्ड की दौड़ में सबसे आगे था लेकिन साई की एक गलती ने उन्हें बाहर कर दिया। इसके बाद मनोज ने दिल्ली हाईकोर्ट का सहारा लिया जहां कोर्ट में सरकार के वकील ने गांरटी दी थी कि उनका मसला फिर से सलेक्शन कमेटी के पास जाएगा। अब साई ने आखिरकार साफ कर दिया कि मनोज को एशियाड के बाद अर्जुन अवॉर्ड दिया जाएगा। मनोज की लड़ाई लड़ने वाले उनके भाई और कोच राजेश कुमार भी काफी खुश हैं। राजेश ने कहा कि वह उन सभी का शुक्रिया अदा करते है जिन्होंने इस हक की लड़ाई में मनोज का साथ दिया। बुधवार को मनोज के गांव में उनके परिवार ने एक दूसरे का मुंह मीठा करवा अवॉर्ड मिलने का जश्न भी मनाया।