चंडीगढ़। फुटपाथ साइकिल्स एंड रेहड़ी फड़ी वर्कर्स यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि संसद में पारित स्ट्रीट वेंडर्स बिल को चंडीगढ़ में लागू किया जाए ताकि गरीब तबके के लोग जो सड़कों के किनारी रेहड़ी फड़ी लगाकर रोजी रोटी कमाते हैं वे भी अपने परिवार का पालन पोषण सही तरीके से कर पाएं। वीरवार को यूनियन ने प्रेस क्लब में कान्फ्रेंस कर घोषणा की है कि वे 21 सितंबर से नगर निगम ऑफिस सेक्टर-17 के गेट पर अनिश्चित कालिन धरना प्रदर्शन शुरु करेंगे और २९ सितंबर को ही धरना प्रदर्शन शुरु करने से पहले सेक्टर-20 के मठ मंदिर मै दार से नगर निगम ऑफिस तक करीब 600 रेहड़ी फड़ी वेंडर्स रैली निकालेंगे।
यूनियन के प्रधान राम मिलन गौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि इस्टेट ऑफिस, पुलिस, नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के इंप्लाइज रेहड़ी फड़ी वालों को परेशान करते हैं, स्ट्रीट वेंडर्स बिल देश के २३ राज्य लागू कर चुके हैं लेकिन चंडीगढ़ में अभी भी ये लागू नहीं किया गया है। यूनियन ने मांग उठाई है कि यूनियन में रजिस्टर्ड 1200 से ज्यादा वेंडर्स को लाइसेंस दिये जाएं। साथ ही अन्य सुविधाएं भी इनको मुहैया करवाई जाए।
इसके लिए प्रशासन से मांग की गई है कि वे सर्वे करवाए और जो लोग यहां पर पिछले कई वर्षों से रेहड़ी फड़ी लगाकर आजीविका कमा रहे हैं उनको लाइसेंस देने का प्रावधान किया जाए। इसके लिए हर पांच साल में एक बार सर्वे करवाया जाना चाहिए साथ ही किसी विक्रेता को हटाने से पहले उसको 30 दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए। हर सेक्टर में आठ आठ स्थान मांगे गए हैं जहां पर ये लोग अपना काम चला सके। जब तक लाइसेंस नहीं बनते तब तक इनको इनके स्थान से न हटाए जाने की मांग यूनियन ने नगर निगम से की है।