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भिंडरांवाला टाइगर फोर्स ऑफ खालिस्तान का आतंकी रतनदीप सिंह गोरखपुर से गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
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फाइल फोटो: रतनदीप सिंह।
चंडीगढ़. भिंडरांवाला टाइगर फोर्स ऑफ खालिस्तान के आतंकी रतनदीप सिंह को पंजाब पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बाहरी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। रतनदीप के पास पाकिस्तानी पासपोर्ट और और हुसैन शेख जाहिद नाम का आईडी कार्ड तीन सौ रुपए की पाकिस्तानी और 1100 रुपए की इंडियन करंसी भी मिली है। रतनदीप पर दस लाख रुपए का इनाम था।
रतनदीप को पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने केंद्रीय एजेंसी के साथ मिलकर किया। पंजाब पुलिस की 19 सदस्यों वाली टीम इंस्पेक्टर हरविंदरपाल सिंह और बलबीर सिंह की अगुवाई में 14 सितंबर को अमृतसर से गोरखपुर गई थी। जहां उन्होंने 17 सितंबर को रतनदीप को गिरफ्तार किया। उसे अमृतसर में लाकर गुरुवार को जज राधिका पुरी की अदालत में पेश किया गया जहां उसका दस दिन का पुलिस रिमांड ले लिया गया है।
पहले केसीएफ में रह चुका है रतनदीप
रतनदीप सिंह पहले खालिस्तान कमांडो फोर्स में रह चुका है उसके बाद उसने बब्बर खालसा इंटरनेशनल को ज्वाइन कर लिया। 2014 के जुलाई महीने में आईएसआई के कर्नल शाहबाज मिन्हास की बीकेआई के वधावा सिंह बब्बर और रतनदीप सिंह के साथ ज्वाइंट मीटिंग हुई जिसमें आईएसआई के कहने पर उसने भिंडरांवाला टाइगर फोर्स आफ खालिस्तान बनाई गई।
पंजाब पुलिस का दावा है कि रतनदीप का पहला निशाना पंजाब का एक बड़ा नेता था। हालांकि इस नेता को पंजाब पुलिस ने सुरक्षा मुहैया करवाई हुई है। इस ताजा कार्रवाई से पहले भी पिछले साल आईएसआई ने तीन बार आतंकी कार्रवाई करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे नाकाम कर दिया।
लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा है रतनदीप
रतनदीप 1993 से ही पाकिस्तान में रह रहा है और बीच-बीच में भारत आता रहा है। मई 2010 में अमृतसर सर्किट हाउस के पास एक वाहन में विस्फोटक रखने के लिए वह सीमापार से हथियार और विस्फोटक लाया था। इसमें उसके साथी पाल सिंह फ्रांस, गुरमुख सिंह उर्फ गन्ना, मक्खन सिंह उर्फ अमली भी शामिल थे।
इन बम विस्फोटों में थी तलाश
रतनदीप पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कई बम विस्फोटों में शामिल है। इनमें 1999 में पासपोर्ट आफिस सेक्टर 34, पानीपत के रेलवे ब्रिज,1998 में शाहबाद मारकंडा पुल को उड़ाने और 1996 और 2000 में जींद जिले में हुए विस्फोटों में शामिल हैं।
जींद के रोहड़ का रहने वाला रतनदीप
रतनदीप हरियाणा के जींद जिले के रोहड़ का वासी है। 1992 में ही वह बैंकाक चला गया था जहां से थाईलैंड होता हुआ मई 1992 में वह जर्मनी पहुंचा। सितंबर 1992 में ही वह बेल्जियम में शिफ्ट हो गया। 1993 में हरजिंदर सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह वासी भुलत्थ नाम के फर्जी पासपोर्ट पर वह पाकिस्तान पहुंच गया। अगस्त 1993 और जून 1994 में इस्लामाबाद से 45 किलोमीटर दूर पहाड़ी क्षेत्र में उसने हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली। वह आईएसआई के चौधरी खालिद राणा के साथ लगातार संपर्क में है। राणा ही पंजाब के आतंकियों से संपर्क रखने वाला प्रमुख व्यक्ति है। पंजाब में रतनदीप पर विभिन्‍न विस्फोटों और अन्य आतंकी कार्रवाईयों के आठ केस चल रहे हैं।