पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बायस सेंपलिंग बदल सकती है रिसर्च के नतीजे

बायस सेंपलिंग बदल सकती है रिसर्च के नतीजे

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
चंडीगढ़। रिसर्च के लिए सेंपल चुनते समय पहले अपने दोस्तों, जान पहचान के लोगों आदि का सेंपल चुनना ठीक नहीं। बायस सेंपलिंग से आपके लिए ईमानदार रिसर्च पॉसिबल नहीं होगी। रिसर्च ठीक करनी है तो सेंपलिंग अनबायस करनी होगी। ये कहना था प्रो कृष्ण मोहन का।
वह पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित आईसीएसएसआर नॉर्थ वेस्टर्न रीजनल सेंटर में रिसर्च स्कॉलर्स और फैकल्टी को संबोधित कर रहे थे। सोशल साइंसेज के लिए ये फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम कराया जा रहा है। डॉ मोहन ने रैंडम और नॉन रैंडम सेंपलिंग की जानकारी दी। इसके लिए मौजूद अगल-अलग एक्सपर्ट्स के फार्मूला भी बताए। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा महत्पवूर्ण है कि आप सेंपलिंग के दौरान बायस ना हों।