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रिस्क पर काम होता है बिजली की लाइनें ठीक करने का

7 वर्ष पहले
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में जहां और काम पूरी सेफ्टी से किये जाने की नसीहत प्रशासन लोगों को देता है वहीं खुद के इंप्लाइज की ही सेफ्टी का ध्यान नहीं रखा जाता है। इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के इंप्लाइज बिना किसी सेफ्टी के ही ट्रांसफार्मर्स में चढ़ते हैं और हाथों से बिजली की तारों को ठीक करते हैं। मंगलवार को सेक्टर-28 के ट्रांसफॉर्मर में कुछ खराबी आ गई तो दो मुलाजिम यहां भेजे गए। एक कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा और हाथों से ही वायर खोल कर ठीक करने में जुट गया।
इस बारे में इन कर्मचारियों से पूछा गया तो बताया कि पीछे से लाइन बंद कर दी गई है और वहां पर अफसर भी बैठे हुए हैं, जब यहां से कॉल करेंगे कि लाइन कनेक्ट कर दी गई है और कर्मचारी नीचे उतर गया है उसके बाद ही लाइन ऑन की जाएगी। यानि ये कि आज भी परंपरागत तरीके से ही बिजली ठीक करने का काम होता है। इस बारे में बिजली महकमे के कर्मचारी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से मांग उठा चुके हैं कि सुरक्षा उपकरण तो दिये जाएं लेकिन आज तक इन लोगों को कोई उपकरण नहीं दिये गए।