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यमुनानगर में कश्मीरी स्टूडेंट्स पर हमला, दहशत में कश्मीरी

7 वर्ष पहले
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(बस में वापस कश्मीर जाते स्टूडेंट्स)
चंडीगढ़। रादौर के ग्लोबल रिसर्च इंस्टिट्यूट में कश्मीरी छात्रों पर हमले के बाद अलग अलग कालेज में पढ़ रहे 2 हजार से ज्यादा कश्मीरी स्टूडेंट्स दहशत में आ गए हैं। यह हमला उस वक्त हुआ जब कश्मीर में आतंकवादियों ने भारतीय सेना पर हमला बोल दिया था। इसके बाद अब कश्मीरी स्टूडेंट्स वापस कश्मीर की ओर रूख करने लगे हैं। इसलिए इस घटना को कुछ स्टूडेंट्स ने कश्मीर में हो रही आतंकी घटनाओं से भी जोड़ने की कोशिश की जबकि पुलिस ने इसे स्थानीय लोगों के साथ कश्मीरी स्टूडेंट्स की रंजिश बताया है।
तेज धार हथियारों से हुआ था हमला
बताया जा रहा है कि बाहरी युवकों ने राड और तेज धार हथियार से हमला बोला और जो कश्मीरी युवकों को खोज खोज कर मारा। इस हमले में कम से कम 12 कश्मीरी छात्र घायल हो गए थे। इधर यमुनानगर के कालेजों में 2 हजार स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। इस घटना के बाद वे भी डरे हुए हैं। इनका कहना है कि पुलिस ने उनकी सुनी ही नहीं। जब से जम्मू कश्मीर में तनाव बढ़ा इसका असर यहां भी देखने को मिल रहा था। लेकिन इसके बाद न तो मैनेजमेंट ने और न ही पुलिस ने उनकी सुरक्षा की ओर ध्यान दिया।
प्रवासी स्टूडेंट्स की नहीं होती है सुनवाई
इन स्टूडेंट्स का कहना है कि हम यहां प्रवासी है और उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कश्मीर की घटनाओं से कोई सरोकार भी नहीं है। लेकिन इसके बाद भी उन्हें ही यहां टारगेट किया जा रहा है। यह गलत बात है, लेकिन इस मौके पर उनकी मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है। इधर दूसरी ओर कश्मीर में उनके परिजन भी चिंतित है। एक परिजन रमजान अली ने बताया कि उनका बेटा यमुनानगर में सेकेंड इयर में पढ़ रहा है, लेकिन इस घटना के बाद वह चाहता है कि अब बेटा घर वापस आ जाए। क्योंकि पता नहीं अब वहां क्या होगा।

पुलिस का कहना है कि इस मामले को कश्मीर से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। लेकिन स्टूडेंट्स का कहना है कि पुलिस की यही सोच उनकी चिंता बढ़ा रही है। एसपी वेदप्रकाश ने अकेले-अकेले घायल आठों स्टूडेंट्स से बात की। इस दौरान सिर्फ एक स्टूडेंट्स ने कहा कि वे कार्रवाई चाहते हैं। एसपी ने उन्हें उचित कार्रवाई का अश्वासन दिया।
आगे की स्लाइड्स में घायल छात्रों की तस्वीरें देखने के लिए कि्ल्क करें