(खेल मंत्री अनिल विज)
चंडीगढ़। प्रदेश में पहली बार शिक्षा, गृह, वित्त, पुलिस, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा विभिन्न खेलों से जुड़े 40 पदक विजेताओं तथा खेल विशेषज्ञ मिल कर खेल नीति तैयार करेंगे। यह बैठक दस दिसंबर को खेल मंत्री अनिल विज की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में होगी। इस नीति की घोषणा स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर 12 जनवरी 2015 पर की जाएगी।
विज ने कहा कि नई खेल नीति में युवा खिलाडिय़ों को आगे लाने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। विज ने बताया कि बैठक में विभिन्न खेल में 13 ओलंपिक पद विजेता खिलाडी, 2 द्रौणाचार्य अवार्डी खिलाडी, 1 राजीव गांधी खेल रतन अवार्डी खिलाडी, 4 अर्जुन अवार्डी खिलाडी, 2 ध्यान चंद एवं भीम अवार्डी खिलाडी शामिल रहेंगे।
इसी प्रकार खेल विभाग के सेवा निवृत 3 खेल विशेषज्ञ तथा हिसार, जींद, पंचकूला जिला के खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, टेबल टेनिस के कोच तरलोचन सिंह, लॉन टेनिस के कोच अमर सिंह, तीरंदाजी के कोच जे जी बैनर्जी, कोर्फबाल के कोच राम पाल हुड्डा, तैराकी के कोच राजबीर सिंह, साइकिलिंग के कोच जोगिन्द्र सिंह और जिम्नास्टिक की उपनिदेशक सुनीता शर्मा, योग की सुषमा तंवर, बास्केटबाल के उपनिदेशक आईपीएस लांबा, क्रिकेट के उपनिदेशक एसबी सहगल और हॉकी की सहायक निदेशक सुनीता दलाल तथा पैरा-ओलंपिक खिलाडी गिरीराज सिंह को आमंत्रित किया गया है।
इसलिए खास है यह नीति
हुड्डा सरकार में पहले पद लाओ इनाम पाओ योजना थी। लेकिन भाजपा सरकार का मानना है कि यह नीति ठीक नहीं है। क्योंकि जब तक खिलाड़ियों को पूरी सुविधा ही नहीं मिलेगी पदक लाएंगे कैसे? ऐसे में खिलाड़ी तैयार करने पर जोर दिया जाना चाहिए। यहीं वजह है कि नई नीति में हुड्डा की खेल नीति को पूरी तरह से बदला जाएगा। विज पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस सरकार की खेल नीति ठीक नहीं थी।
गांवों की ओर विशेष ध्यान
इस नीति में ग्रामीण खिलाड़ियों की ओर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा। विज ने बताया कि गांवों में स्टेडियम के साथ साथ कोच भी तैनात किए जाएंगे। जिससे ग्रामीण बच्चे खेल में आगे बढ़े।