चंडीगढ़ । 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर 30 नवंबर को रिटायर होने जा रहे हरियाणा सरकार के कर्मचारियों को फिलहाल पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। हरियाणा सरकार ने सोमवार को इस मामले में जवाब दायर कर कहा कि हुडा सरकार ने रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष घोषित की थी जो उनकी सरकार के मुताबिक सही फैसला नहीं है। ऐसे में 58 वर्ष की आयु में रिटायरमेंट के फैसले को बनाए रखा गया है। हाईकोर्ट ने इस पर 18 दिसंबर के लिए अगली सुनवाई तय की है।
अलग अलग याचिकाओं में कहा गया कि हरियाणा सरकार ने राज्य के कर्मचारियों की रिटायरमेंट एज कम करने का फैसला 25 नवंबर को लिया। इससे पहले हरियाणा सरकार ने रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष की थी। 58 वर्ष पूरे होने के बाद भी पहली सरकार के फैसले से वे नौकरी में तो हैं लेकिन 25 नवंबर को खट्टर सरकार के फैसले के बाद उन्हें 30 नवंबर को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
याचिका में कहा गया कि सरकार ने नौकरी के लिए आवेदन की अधिकतम आयु 42 वर्ष ही रखी लेकिन रिटायरमेंट की आयु के नियम में बदलाव कर दिया। याचिका में कहा गया कि यह राजनीति से प्रेरित फैसला है। सरकार बदलने का मतलब पालिसी में भी बदलाव करना नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट सरकार के २५ नवंबर के फैसले पर रोक लगाए। याचियों की तरफ से मांग की गई कि याचिका पर सुनवाई के चलते सरकार के फैसले पर रोक लगाई जाए लेकिन कोर्ट ने इस मामले में फिलहाल कोई राहत नहीं दी है।