चंडीगढ़। लोकसभा में कांग्रेस पक्ष के उप नेता कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को उनके 88 वें जन्मदिवस पर बधाई दी। तोहफे के रूप में कैप्टन ने बादल से अब राजनीति छोड़ने को भी कहा है। उन्होंने कहा, अब वह बूढ़े हो चुके हैं इसलिए अपना पद छोडऩे का सही समय है।कैप्टन ने आगे कहा, अपने सियासी करियर के अंत में संघवाद व पंथक एजेंडे का डर दिखाने वाले बादल की यह चारित्रिक विशेषता है कि जब भी सियासी खतरा महसूस करते हैं , इस तरह के विवादपूर्ण मुद्दे उठाते हैं।
कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि सियासत में छह दशक से अधिक समय निकाल देने के बावजूद बादल पचास साल पहले की अपनी दिमागी सोच से बाहर नहीं निकल सके हैं। संघवाद, पंथक एजेंडा, औद्योगिक फोकल प्वाइंट, आदर्श स्कूल व संगत दर्शन इनके पसंदीदा समय बीताने के तरीके रहे हैं जिनमें से यह कभी बाहर नहीं निकल पाए । इसका नतीजा यह है कि पंजाब आज भारी कर्ज के नीचे दबा हुआ है।
बादल के दावों कि वह अपनी असली जन्म तारीख भूल चुके हैं, पर चुटकी लेते हुए कैप्टन अमरेन्द्र ने कहा कि किसी मुश्किल सवाल का जवाब देने से बचने के लिए अज्ञानता जाहिर करना या फिर भूलने का नाटक करना बादल की विशेषता है। उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री अपनी जन्म तारीख को याद नहीं रख सकता, उसके पास शासन चलाने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने बादल के 87 वर्षों का होने संबंधी दावों पर सवाल करते हुए कहा कि वह (बादल) उनके भाई राजा मलविंदर सिंह के ससुर सुखिंदरपाल सिंह मान के एफ.सी कॉलेज, लाहौर में सहपाठी थे, जो हाल ही में 93 सालों की उम्र में स्वर्ग सिधार गए। कैसे हो सकता है कि एक ही कक्षा में रहने के बावजूद मान 93 व बादल सिर्फ 87 वर्षों के थे। उन्होंने कहा कि बादल की आयु उनके दसवीं के सर्टिफिकेट व एफ.सी. कॉलेज लाहौर के रिकार्डों में भी दर्ज होगी।