(फाईल फोटो: आशुतोष महाराज)
चंडीगढ़ । पंजाब के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने मंगलवार को संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज का 25 दिन में अंतिम संस्कार करने के पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए अपील दायर कर दी है।
अपील में कहा गया कि सिंगल जज के फैसले पर रोक लगाई जाए। संस्थान ने इसके अलावा हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा कि सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के लिए कम से कम 30 दिन का समय दिए जाने की मांग करते हुए फैसले को स्थगित करने की भी मांग की है।
इससे पहले एक दिसंबर को हाईकोर्ट ने गहन समाधि से वापस लौटने की महाराज के अनुयायियों की दलील को खारिज कर दिया था और महाराज का 25 दिन में अंतिम संस्कार करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसीपल सेक्रेटरी (होम), हेल्थ व लोकल बॉडी विभाग के सेक्रेटरी और डीजीपी की सुपरविजन में कमेटी गठित कर 25 दिन में महाराज के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। फैसले में कहा गया था कि जालंधर के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट, एसडीएम, जालंधर के एसएसपी, नगर निगम के कमिश्नर और सीजेएम की कमेटी गठित की जाए जो संस्कार के इंतजाम करे। इस दौरान महाराज का शव उनके अनुयायियों को दर्शन के लिए भी उपलब्ध कराया जाए।
पंजाब सरकार की रिपोर्ट के अनुसार महाराज को 29 जनवरी को क्लीनिकली डेड करार दिया जा चुका है। सरकार की दलील है कि महाराज के अनुयायियों का मानना है कि महाराज गहन समाधि में है। ऐसे में शव को डिप फ्रीजर में रखा गया है। वे अनुयायियों की भावनाओं से नहीं खेलना चाहते। ऐसे में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे थे।